पीयू वीसी प्रोफेसर राजकुमार ने कहा है कि भविष्य में रोजगार की दिक्कतें न पैदा हों, इसलिए ऐसे नए कोर्स शुरू करने होंगे, जो बाजार की मांग के अनुरूप हों। इन कोर्स के जरिये युवा स्टार्टअप आदि शुरू कर सकें और वह अन्य युवाओं को रोजगार दे सकें। यह बात उन्होंने वीरवार को विभागाध्यक्षों की आयोजित बैठक के दौरान कही।
इस दौरान उन्होंने सभी विभाग अध्यक्षों से कहा कि जो भी विभाग नए कोर्स शुरू करना चाहते हैं वह डीन रिसर्च को प्रस्ताव जमा कराएं। कोर्स संचालन के बेहतर परिणाम आने के बाद विभाग को 50 फीसदी फीस पीयू देगा ताकि विभाग खुद ही अपने इंफ्रास्ट्रक्चर आदि की पूर्ति कर सके।
उन्होंने कहा कि नैक का दौरा वर्ष 2022 में होगा। इससे पहले पीयू को सभी मानकों की पूर्ति करनी होगी। सभी इस बात का खास ध्यान रखें कि इस बार टीम को कोई भी खामी नजर नहीं आए और पीयू को ग्रेड भी बेहतर मिले। उन्होंने कहा कि अगस्त 2020 से पीयू मॉक निरीक्षण शुरू करने जा रहा है।
सभी विभाग का समय समय पर निरीक्षण होगा। सभी बिंदुओं की जांच होगी, इस दौरान कमियां मिलेंगी तो उन्हें दुरुस्त करवाया जाएगा। उन्होंने मार्च तक विभागों से पैसे बचाने के लिए कहा। अनावश्यक खर्च न करने को कहा। उन्होंने कहा कि विभाग के पास किसी की भी फाइल आए तुरंत समाधान कर समस्याओं को तुरंत निपटाएं।
वीसी ने कहा कि कोर्सेज में प्रवेश के लिए एनआरआई की संख्या बढ़ानी है, इसलिए विभाग अध्यक्ष योजना बना लें किस तरह इन विद्यार्थियों को पीयू तक लाया जा सकता है। उन्होंने कहा, 25 सेक्टर साउथ कैंपस को विकसित किया जाएगा। वहां इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना होगी। साथ ही एक लाइब्रेरी बनाई जाएगी।
उन्होंने सभी से कहा कि स्टार्टअप पर ध्यान दें। कोई भी विद्यार्थी का नया विचार आता है तो उस पर विचार करें और उस विचार को पंख लगाने काम करें। साथ ही विभागाध्यक्षों से यह आह्वान भी किया कि समय समय पर विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनें और उनका निदान करें।