चंडीगढ़ में सर्दी के इस सीजन में ऐसा कोहरा देखने को मिल रहा कि सुबह से शाम तक एक जैसा हाल। एक ओर ट्रेनें लेट, दूसरी ओर फ्लाइट्स रद्द। लोग ठंड में ठिठुर रहे, कहीं आने जाने में भी दिक्कत उठानी पड़ रही। विजिबिलिटी इतनी कम कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चार उड़ानें रद्द रहीं।
18 उड़ानें अपने निर्धारित समय से देरी से गईं। एयरपोर्ट मैनेजर दीपेश जोशी ने बताया कि धुंध के कारण फ्लाइटों का संचालन मंगलवार दोपहर दो बजे के बाद हुआ है। एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी ठीक नहीं होने के कारण दिल्ली, मुंबई सहित अन्य जगहों से फ्लाइटें देरी से आईं। इस वजह से इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें देरी से गईं।
इंडिगो की सुबह आठ बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट, 8.40 बजे स्पाइस जेट की दिल्ली जाने वाली फ्लाइट, जेट एयरवेज की सुबह दस बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट और एयर इंडिया की 10.15 बजे लेह जाने वाली फ्लाइट कैंसिल कर दी गई। इससे यात्रियों को खासी परेशानी हुई।
यह फ्लाइटें रहीं लेट
घना कोहरा
इंडिगो की दोपहर 12.05 बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट दो घंटे पांच मिनट देरी से गई। दोपहर 12.15 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट 1.50 घंटे देरी से गई। दोपहर दो बजकर पंद्रह मिनट पर जाने वाली हैदराबाद की फ्लाइट 2.25 घंटे देरी से गई। दोपहर बाद 2.35 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट 1.06 घंटे देरी से गई। दोपहर बाद 2.50 बजे इंडिगो की बंगलूरू जाने वाली फ्लाइट एक घंटे दस मिनट देरी से गई। दोपहर बाद तीन बजकर चालीस मिनट पर दुबई जाने वाली फ्लाइट पचास मिनट देरी से गई।
सुबह 11 बजे जेट एयरवेज की दिल्ली जाने वाली फ्लाइट तीन घंटे चालीस मिनट देरी से गई। सुबह 11.15 बजे इंडिगो की जयपुर जाने वाली फ्लाइट तीन घंटे पैंतालीस मिनट देरी से गई। दोपहर 12.25 बजे जेट एयरवेज की मुंबई जाने वाली फ्लाइट 3.20 घंटे देरी से गई। दोपहर बाद दो बजकर बीस मिनट पर दिल्ली जाने वाली फ्लाइट एक घंटे देरी से गई। एयर इंडिया की दोपहर 12.50 बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट दो घंटे पचास मिनट देरी से गई।
दोपहर बाद एयर इंडिया की एक बजकर पचास मिनट पर बैंकाक जाने वाली फ्लाइट तीस मिनट देरी से गई। दोपहर 12 बजे स्पाइस जेट की श्रीनगर जाने वाली फ्लाइट दो घंटे तेईस मिनट देरी से गई। तीन बजकर दस मिनट पर दिल्ली जाने वाली फ्लाइट एक घंटे देरी से गई। दोपहर 1.10 बजे गो एयर की बंगलूरू जाने वाली फ्लाइट दो घंटे तेरह मिनट देरी से गई। वहीं गो एयर की 1.20 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट एक घंटे पचास मिनट देरी से गई। दोपहर एक बजे एयर एशिया इंडिया की बंगलूरू जाने वाली फ्लाइट एक घंटे बीस मिनट देरी से गई।
इन फ्लाइटों के टाइम शेड्यूल में बदलाव
एयरपोर्ट मैनेजर दीपेश जोशी ने बताया कि जेट एयरवेज की दो फ्लाइटों के समय में बदलाव किया गया है। यह बदलाव तीन जनवरी से लागू होगा। जेट एयरवेज की सुबह 10 बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट अब दोपहर 12.45 मिनट पर रवाना होगी। वहीं, 11 बजे जेट एयरवेज की दिल्ली जाने वाली फ्लाइट अब 1.25 बजे रवाना होगी।
80 की स्पीड वाली शताब्दी 30 किमी प्रतिघंटा से चली
कोहरे की चपेट में
- फोटो : amar ujala
नई दिल्ली से चंडीगढ़ आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को धुंध और कोहरे में सवा तीन घंटे की बजाय सात घंटे लग रहे हैं। धुंध की वजह से ट्रेनों की आवाजाही में कई-कई घंटों तक की देरी जारी है। नई दिल्ली से चंडीगढ़ आने वाले यात्रियों का एक ही सवाल रहा कि कब पहुंचेंगे चंडीगढ़? उधर, टीटी का जवाब मिला कि धुंध में कुछ दिख नहीं रहा। इस वजह से ट्रेन की रफ्तार 30 किमी प्रतिघंटा हो गई है। इसके साथ-साथ सुरक्षा भी तो जरूरी है।
दिल्ली के ट्रैफिक से जूझने के बाद यात्री रेलवे स्टेशन पहुंचकर शाम सवा सात बजे चलने वाली शताब्दी पकड़ना चाहता है ताकि जल्द से जल्द चंडीगढ़ पहुंचा जा सके। सोमवार को शताब्दी अपने सवा सात बजे के तय समय से आधा घंटा देरी से करीब सात बजकर 50 मिनट पर चली। उम्मीद थी कि आधे घंटे की देरी होगी। 10 बजकर 45 मिनट के बजाय 11 बजकर 15 मिनट तक ट्रेन चंडीगढ़ पहुंच जाएगी, लेकिन धुंध के कारण ट्रेन रात दो बजकर 20 मिनट पर पहुंची।
हर छोटे स्टेशन पर लगती रही ब्रेक
दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच पड़ने वाले छोटे स्टेशन पर शताब्दी का पड़ाव नहीं है, लेकिन कोहरे की वजह से स्टेशन से सिग्नल न दिखना और पटरियां खाली न होने की वजह से शताब्दी हर छोटे स्टेशन पर रोकनी पड़ी। सोनीपत के नजदीक पड़ने वाले गन्नौर स्टेशन और करनाल से पहले भी शताब्दी को रोकना पड़ा। दो-तीन बार तो ट्रेन स्टेशन से पहले भी रोकनी पड़ी, क्योंकि आगे सिग्नल नहीं मिल रहे थे, जबकि शताब्दी के रूट पर आमतौर पर ऐसा होता नहीं है।
धुंध में दिवाली से ज्यादा बिगड़ी शहर की आबोहवा
fog
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शहर की आबोहवा धुंध से प्रदूषित हो गई है। इसके प्रदूषण का मुख्य कारण कोहरा है। कोहरे से धुंध में धूल के कण जमा हो रहे हैं। इससे शहर का रिस्पाइरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर (आरएसपीएम) बढ़ गया है। शहर की एयर क्वालिटी दोगुना से ज्यादा प्रदूषित हो गई है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज -1 का आरएसपीएम 341 और पेक का आरएसपीएम 220 केपास पहुंच गया है। नए साल पर शहर में आतिशबाजी से कोहरा अधिक हो गया है।
चंडीगढ़ पर्यावरण विभाग के निदेशक संतोष कुमार ने बताया कि ठंड में प्रदूषण अधिक बढ़ जाता है। नए साल पर चंडीगढ़ में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल की गाड़ियों का आवागमन अधिक होना भी एक कारण है। पिछले दो दिनों में शहर से करीब तीस लाख गाड़ियों का संचालन हुआ है। वहीं, कोहरे के कारण यह वातावरण में जम गए हैं। इससे शहर में वायु प्रदूषण बढ़ गया है। इंडस्ट्रियल एरिया एयर क्वालिटी इंडेक्स दिवाली में जहां 306 दर्ज हुआ था, वहीं अब नए साल में यह बढ़कर 392 हो गया है।
उधर, पेक में यह 250 दर्ज किया गया था, जो अब बढ़कर 325 हो गया है। शहर के मिजाज बदलने का कारण मौसम में हवाओं का संचालन बंद होना है। दिन के पारे में गिरावट के बाद मौसम में एक जैसी स्थिति नहीं है। मौसम विभाग के सुरेंदर पाल ने बताया कि चंडीगढ़ में इस समय हाईप्रेशर एरिया बना हुआ है। इससे हवाएं नीचे की ओर चल रही हैं, लेकिन हवाओं की रफ्तार कम है। इससे प्रदूषण शहर में बढ़ गया है।
क्या है आरएसपीएम
यह हवा में मौजूद प्रदूषित कण है, जिसे अक्सर प्रदूषण के संदर्भ में जाना जाता है। आरएसपीएम (रिस्पाइरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर) के कण हवा में घुलनशील होते हैं और इनका आकार 10 माइक्रोन से भी कम (यह बाल की चौड़ाई के 5वें भाग से भी कम) होता है, इसलिए आसानी से यह आपके अंदर प्रवेश कर जाता है।
धुंध के कारण मौसम में धूल के कण अधिक जम रहे हैं। इससे शहर का वायु प्रदूषण बढ़ गया है। बारिश और हवा चलने के बाद यह कम हो जाएगा।
- संतोष कुमार, निदेशक पर्यावरण विभाग चंडीगढ़
कालका-हावड़ा 18, शताब्दी आठ घंटे लेट
कोहरा
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धुंध के कारण मंगलवार को ट्रेनों का संचालन बाधित रहा। शताब्दी सहित कई अन्य मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से आईं। नई दिल्ली से चंडीगढ़ सुबह 11.05 बजे पहुंचने वाली शताब्दी एक्सप्रेस आठ घंटे देरी से आई। दिल्ली में अधिक कोहरा होने के कारण यह 20 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चली। कालका-हावड़ा मेल अपने निर्धारित समय से 18 घंटे देरी से पहुंची। चंडीगढ़-बांद्रा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से छह घंटे देरी से पहुंची।
सद्भावना एक्सप्रेस तीन घंटे पैंतालीस मिनट देरी से आई। चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से चार घंटे देरी से आई। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन अधीक्षक टीपी सिंह ने बताया कि दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच धुंध अधिक होने के कारण ट्रेनें बहुत धीमी चल रही हैं। इस कारण ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से बाधित हो गया है। अभी यह हालात आगामी सप्ताह में बना रहेगा।
पूछताछ काउंटर पर सही जानकारी नहीं
ट्रेनों के आने-जाने की सही जानकारी रेलवे स्टेशन केे पूछताछ काउंटर पर नहीं मिल रही है। शताब्दी की जानकारी लेने आए सेक्टर-46 के गुरप्रीत सिंह ने बताया कि दिल्ली से उनके भाई आ रहे हैं। वे कई बार पूछताछ काउंटर पर गए, लेकिन सही जानकारी नहीं मिली। वहीं, दिल्ली की शताब्दी से आने वाले अमन सिंह ने बताया कि ट्रेनों के लेट होने से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।