डेंगू की रोकथाम के लिए चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग ने लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। जलभराव व मच्छरों के लिए अनुकूल माहौल मिलने पर शहर के 20 से ज्यादा सरकारी प्रतिष्ठानों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। इन प्रतिष्ठानों में गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल धनास, गवर्नमेंट मिडिल हाई स्कूल सेक्टर 37, गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर 18, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़, गुरु गोबिंद सिंह खालसा कालेज व निर्माणाधीन यूटी सचिवालय की बिल्डिंग शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त आरके बिल्डर्स चंडीगढ़ व बहलाना में हिमांक एयर डिस्पैच कंपनी के निर्माणाधीन भवन को भी शोकॉज नोटिस दिया गया है। इन प्रतिष्ठानों में जगह-जगह जलभराव मिला था, जिसमें डेंगू के लारवा पनप रहे थे। यदि उन्हें समय पर नष्ट नहीं किया जाता तो कुछ ही दिनों में लारवा एडीज मच्छर में तब्दील हो जाते। सरकारी प्रतिष्ठानों के अतिरिक्त शहर के निवासियों को 1478 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के बाद शुरू हुई उमस से शहर में डेंगू की एंट्री हो चुकी हैै। डेंगू के अब तक सात पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। जानकारों का कहना है कि यह मौसम डेंगू के मच्छरों के लिए बेहद अनुकूल है। जिस तरह से वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ी है, उससे इस बात की पूरी आशंका है कि आने वाले समय में डेंगू का प्रकोप और बढ़ेगा। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू को रोकने में लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। बिना लोगों के जागरूक हुए डेंगू को नहीं रोका जा सकता। पिछले साल 2018 में जुलाई तक कुल दस केस आ चुके थे।