हरियाणा में बढ़ते डेंगू के मामलों और डेंगू से मृत्यु दर रोकने को लेकर प्रदेश सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब सरकारी अस्पतालों में दाखिल डेंगू के मरीजों को एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) मुफ्त में मुहैया कराया जाएगा। पिछले साल एसडीपी के लिए मरीजों से 8500-8500 रुपये वसूले गए थे।
इस समय प्रदेश में 2145 से अधिक डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से सरकारी अस्पतालों में 1307 और प्राइवेट अस्पतालों में 847 सामने आए हैं। अब तक प्रदेश में कुल 36077 नमूने लिए गए हैं। 190 मरीज सरकारी और 105 मरीज निजी अस्पतालों में दाखिल हैं।
सबसे अधिक पंचकूला में 270, गुरुग्राम 164, फरीदाबाद 161 और नूंह में 144 मामले मिल चुके हैं। इन जिलों में ही डेंगू का ज्यादा प्रकोप है। सबसे कम पलवल में 17, पानीपत 31, रेवाड़ी में 41 केस मिले हैं। इसके अलावा, मलेरिया के 47 और चिकनगुनिया के पांच मरीज मिल चुके हैं।
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तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने प्लेटलेट्स के बारे में नई गाइडलाइंस जारी की है। इसके तहत मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए पैसे खर्च नहीं करने होंगे। बता दें कि इससे पहले ही सरकारी अस्पतालों में डेंगू का मुफ्त टेस्ट किया जाता है और निजी अस्पतालों के लिए भी 600 रुपये निर्धारित किए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. उषा गुप्ता ने बताया कि इस बार सरकारी अस्पतालों में एसडीपी मुफ्त में मिलेंगे।
बढ़ते मामलों पर विज ने बुलाई बैठक, दिए निर्देश
डेंगू के बढ़ते प्रकोप के चलते स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सोमवार को विभाग के आला अधिकारियों समेत सभी सीएमओ के साथ बैठक की। बैठक में विज ने निर्देश दिए हैं कि सभी शहरों में डेंगू रोकने को पुख्ता कदम उठाएं जाएं और फॉगिंग पर जोर दें। घर-घर जाकर जांच करें और लोगों को इसके प्रति जागरूक भी करें। विज ने कहा कि हमें डेंगू के मामलों को कम करने के पूरे प्रयास करने होंगे। क्योंकि लक्षण वाले अभी तक 60 प्रतिशत तक टेस्ट में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, एनएचएम के मिशन निदेशक प्रभजोत सिंह, स्वास्थ्य सेवाएं विभाग की महानिदेशक डॉ. वीना सिंह और निदेशक डॉ. उषा गुप्ता उपस्थित थे।