चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर पीयू प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। मंगलवार को एसएफएस ने पुस्तकालय व प्रयोगशालाएं खोलने और एनएसयूआई ने ऑनलाइन परीक्षाओं की खामियों को उजागर करते हुए प्रदर्शन किया। पीयू प्रशासन ने आश्वासन दिया कि समस्याओं का निपटारा करना होगा। इस दौरान एसएफएस ने कहा कि आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्हें तिथि बताई जाए कि उनकी मांगें कब पूरी होंगी। वह शाम तक प्रदर्शन करते रहे।
छात्र बोले- पीयू प्रशासन बाधित कर रहा पढ़ाई
एसएफएस के पदाधिकारी व शोधार्थी वीसी कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। कार्यकर्ता संदीप ने कहा कि पीयू प्रशासन छात्रों की पढ़ाई बाधित कर रहा है। काफी दिनों से प्रयोगशालाएं बंद हैं। इसे शोध का कार्य प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर किताबें नहीं मिलने के कारण छात्र पढ़ नहीं पा रहे हैं। कई बार यह मामले पीयू तक पहुंचाए गए, लेकिन बात नहीं बनीं। जब पीयू ने सुना नहीं तो प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पीयू जब तक उनकी बात नहीं मानती, तब तक प्रदर्शन करेंगे। पहले वीसी कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया गया। यहां अधिकारी नहीं थे। उसके बाद सभी कार्यकर्ता एडमिन ब्लॉक पहुंच गए। यहां प्रदर्शन किया। शाम तक प्रदर्शन चला। छात्रों की मांग थी कि कम से कम पुस्तकालय खोल दिया जाए और बाकी मांगों के लिए तिथि बताई जाए। इस दौरान महिला डीएसडब्ल्यू प्रो. मीना शर्मा पहुंचीं। उन्होंने छात्रों से कहा कि इसके लिए कमेटी बनाकर समस्याओं का निपटारा किया जाएगा, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर शाम तक अड़े रहे।
परीक्षा के दौरान कैमरे की बाध्यता न हो
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एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी अध्यक्ष निखिल नरमेटा के नेतृत्व में वीसी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां बैठक की। उन्होंने कहा कि पीयू ने इस बार ऑनलाइन परीक्षा देते समय कैमरा ऑन रखने की बात कही है। यदि कैमरे से छात्र हटे या बंद मिला तो परिणाम में दिक्कतें होंगी। इसका छात्रों ने विरोध दर्ज कराया। कहा कि पीयू में 70 फीसदी विद्यार्थी ग्रामीण इलाकों से आते हैं। वहां नेटवर्क की दिक्कत हैं। बिहार, बंगाल तूफान के कारण प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में कैमरे की बाध्यता हटाई जाए। साथ ही गोल्डन चांस वाले विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी जुलाई में करवाई जाएं। उन्होंने डीयूआई को ज्ञापन सौंपा। आश्वासन दिया गया कि जल्द ही समस्याओं का समाधान होगा।