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290 रुपये का इंजेक्शन 1200 में बेचा मरीज को, स्वास्थ्य मंत्री से की शिकायत

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चंडीगढ़। पीजीआई की इमरजेंसी में संचालित दवा की दुकान पर मरीजों को 290 रुपये की इंजेक्शन 1200 रुपये में बेचे जाने की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ ही पीजीआई के डीडीए कुमार गौरव धवन से शिकायत की है। इतना ही नहीं शिकायतकर्ता ने उसी इंजेक्शन की 290 रुपये की बिल की कॉपी लगाकर मामले की जांच कर गरीब व जरूरतमंद मरीजों की मदद करने की भी गुहार लगाई है। वहीं दूसरी तरफ पीजीआई प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद दुकान के संचालक से स्पष्टीकरण मांगा है।
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पटियाला निवासी पूनम ने 26 मई को पीजीआई इमरजेंसी में संचालित श्री बालाजी डिस्ट्रीब्यूटर से टर्लिप्रोसिन (सॉल्ट नेम) इंजेक्शन 1200 रुपये में खरीदी। इसी इंजेक्शन को उन्होंने साईं मेडिकोज से 27 मई को 290 रुपये में खरीदा। डॉक्टर को दिखाने पर पता चला कि दोनों ही इंजेक्शन एक ही काम करते हैं। सिर्फ कीमत का फर्क है। इसकी जानकारी मिलने पर पूनम ने 29 मई को इसकी शिकायत पीजीआई प्रशासन से करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
किराए की कीमत मरीजों से वसूली जा रही
जानकारी के अनुसार पीजीआई इमरजेंसी में संचालित जिस दवा की दुकान की शिकायत की गई है, उसका मासिक किराया अन्य टैक्स के साथ एक करोड़ 75 लाख रुपये है। सूत्रों का कहना है कि दुकान के संचालक किराए की रकम की वसूली मरीजों को कई गुना ज्यादा कीमत पर दवाएं बेच कर वसूल रहे हैं। ऐसे में पीजीआई प्रशासन भी मूकदर्शक बना हुआ है। वहीं पीजीआई के कर्मचारियों का कहना है कि पीजीआई प्रशासन को इमरजेंसी की दवा की दुकान को किराया मुक्त कर देना चाहिए। इसके लिए टेंडर में ऐसे मानक शामिल किए जाने चाहिए, जिसमें सबसे ज्यादा छूट देने वाले व्यक्ति दुकान फ्री में दिया जाए जिससे देशभर से आने वाले गरीब व जरूरतमंद मरीजों को कम दर पर दवाइयां उपलब्ध हो सके, क्योंकि ऐसे मानक देश के कई चिकित्सा संस्थानों में संचालित दवा की दुकानों पर लागू किए गए हैं।
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मेडिकल शॉप के संचालक की दलील
इस संबंध में जब मेडिकल शॉप के संचालक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि टेंडर के अनुसार उन्हें सिर्फ एमआरपी से 15 प्रतिशत छूट के साथ ही बिक्री करनी है। संचालक का कहना है कि अगर शिकायतकर्ता को किसी भी तरह की शिकायत है तो वह सामग्री वापस कर अपने पैसे वापस ले सकता है।
यह है हकीकत
पीजीआई द्वारा इमरजेंसी के मेडिकल शॉप की टेंडर में साफ तौर पर लिखा गया है कि मेडिकल शॉप पर एमआरपी पर तय छूट देने के साथ ही बाजार दरों से अधिक दरों पर दवाओं या अन्य सामग्रियों की बिक्री नहीं की जानी है। अगर ऐसा करते हुए पाया गया तो पीजीआई प्रशासन जुर्माना लगाकर उचित कार्यवाई करेगा।
पीजीआई प्रशासन कार्रवाई की तैयारी में
शिकायत मिलने के बाद पीजीआई प्रशासन हरकत में है। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल शॉप के संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही उचित कार्रवाई तय की जाएगी।
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