केंद्र सरकार द्वारा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (आईडीबीआई) में सरकार की हिस्सेदारी 51.1 फीसदी से कम कर उसका निजीकरण के फैसले से बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों में रोष है।
सरकार के इस फैसले के विरोध में रविवार को बैंक अधिकारियों से लेकर सभी स्तर के कर्मचारियों ने सेक्टर-17 बैंक स्क्वॉयर में कैंडल मार्च कर प्रदर्शन किया। देशव्यापी प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत इस प्रदर्शन में चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू की शाखाओं के चुनिंदा अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
उन्होंने केंद्र सरकार से बैंक के निजीकरण पर सरकार को कड़े शब्दों में चेताया है। आईडीबीआई आफिसर्स यूनाइटेड के स्थानीय पदाधिकारी आशुतोष गौड़ के अनुसार अगर केंद्र सरकार ने बैंक का निजीकरण किया तो इसके देशभर में 18 हजार से अधिक कर्मचारी अनिश्चितकाल के लिए सड़क पर उतर जाएंगे।
उनके अनुसार उन्हें आल इंडिया बैंकिंग एसोसिएशन और आल इंडिया आफिसर्स एसोसिएशन का भी समर्थन हासिल है। इसलिए अगर सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती तो देशभर के बैंक कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे।
पुलिस ने सेक्टर 17 प्लाजा में कैंडल मार्च से रोका
रविवार शाम आईडीबीआई बैंक के चंडीगढ़ समेत अन्य उक्त राज्यों से आए अधिकारी और कर्मचारी सेक्टर-17 प्लाजा में कैंडल मार्च पास्ट के लिए पहुंचे। हालांकि वहां उन्हें कैंडल मार्च की अनुमति नहीं दी गई। जबकि प्रदर्शनकारी बैंक कर्मियों के अनुसार उन्होंने डीसी कार्यालय से इसकी अनुमित ली थी। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी कर्मी सेक्टर-17 बैंक स्क्वॉयर स्थित बैंक शाखा के बाहर पहुंचे और वहीं रोष प्रदर्शन करते हुए कैंडल मार्च किया। इस मार्च में बैंक के सभी बड़े स्तर के अधिकारी तक शामिल हुए।