चंडीगढ़। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन एंड एमसी एंपलाइज एंड वर्कर्स के आह्वान पर किए जा रहे क्रमवार आंदोलन के अंतर्गत वीरवार को कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय के सामने मटका फोड़कर विरोध जताया। कर्मचारियों ने मटका फोड़ने के साथ ही प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया।
कमेटी के कन्वीनर अश्विनी कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम के चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह को कमिश्नर के नाम का मांग पत्र सौंपा। चीफ इंजीनियर ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि जल्द ही इस संबंध में कमिश्नर के साथ उनकी बैठक कराई जाएगी। अश्विनी कुमार और चेयरमैन सुरमुख सिंह ने कहा कि एमसी के प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रहे हैं। प्रशासन का अड़ियल रवैया आंदोलन को और तेज बना रहा है। उनका कहना था कि डीसी रेट अभी तक नहीं बढ़ाया गया जो अप्रैल 2020 में ही बढ़ जाना चाहिए था। वहीं दूसरी तरफ जेम पोर्टल के जरिए ठेकेदार अब भी आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। प्रशासन उनके खिलाफ कोई सुरक्षित पॉलिसी नहीं बना रहा। कर्मचारियों की आधा दर्जन से ज्यादा मांगें काफी समय से लंबित हैं। अगर अभी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो चौथा मटका फोड़ आंदोलन मनीमाजरा स्थित नगर निगम के उप कार्यालय में 4 मार्च को किया जाएगा। उसके बाद 12 मार्च को अर्थी फूंक विरोध प्रदर्शन होगा। मटका फोड़ आंदोलन में मुख्य रूप से नरेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, कुलदीप सिंह, सरवन कुमार, संजय, रविंदर ,सुरेंद्र सिंह, रवि सिंह, सत्यप्रकाश , नरेंद्र चौधरी, करतार पाल, यादराम, गुरमीत सिंह, लालजीत, महिपाल, कमल कुमार और सुरेंद्र शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित किया।