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यूटी कर्मियों की मांग- ब्राशर रेट पर मिलें फ्लैट

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चंडीगढ़। यूटी के कर्मचारियों को एक बार फिर से फ्लैट मिलने की उम्मीद जगी है। बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ चंडीगढ़ प्रशासक के एडवाइजर, हाउसिंग बोर्ड व यूटी के कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की एक बैठक है। इस बैठक में स्कीम को लागू करने में आ रही समस्याओं पर चर्चा होगी और रास्ता निकालने का प्रयास किया जाएगा।
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक सितंबर को यूटी कर्मचारियों को मिलने वाले फ्लैट से संबंधित मामले की सुनवाई होनी है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्रालय इस लंबित मामले को पहले ही सुलझा लेने का प्रयास कर रहा है। बुधवार को होने वाली इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के सेक्रेटरी भी मौजूद होंगे, जबकि याचिकाकर्ताओं की तरफ से डॉ. ब्रह्म प्रकाश यादव, डॉ धर्मेंद्र और बलविंदर सिंह शामिल होंगे।
डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि लगभग सभी कर्मचारी ब्रॉशर रेट पर ही फ्लैटों की मांग कर रहे हैं, क्योंकि वर्ष 2008 में कर्मचारियों के वेतन के हिसाब से फ्लैटों के रेट तय किए गए थे लेकिन अब कर्मचारी करोड़ों रुपये कहां से देंगे। उन्होंने कहा कि इतने महंगे मकान तो आईएएस अधिकारी भी नहीं खरीद सकते हैं। डॉ. धर्मेंद्र ने कहा कि छत के इंतजार में कई कर्मचारी दुनिया छोड़ चुके हैं और करीब 300 उम्मीदवार रिटायर हो चुके हैं। स्कीम में करीब 8000 कर्मचारियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 3930 कर्मचारी योग्य पाए गए थे। स्कीम लांच होने के समय कर्मचारियों ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के पास 57 करोड़ 82 लाख रुपये जमा कराए थे लेकिन कई साल बीत जाने के बाद अभी तक स्कीम सिरे नहीं चढ़ पाई है।
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