चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी जगतार सिंह हवारा पर चल रहे देश के खिलाफ के साजिश रचने और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के मामले की सुनवाई सोमवार को जिला अदालत में हुई। आरोपी जगतार सिंह हवारा के वकील एएस चहल ने जिला अदालत के सामने मांग रखते हुए कहा कि आरोपी पर 16 साल पहले पंजीबद्ध हुए मामले में ट्रायल शुरू किया जाना चाहिए। हवारा पर सीआरपीसी की धारा 268 लगी हुई है जिसके चलते उसे जेल से नहीं निकाला जा सकता। सुरक्षा कारणों को देखते हुए हवारा की पेशी विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो सकती है। इस मामले में अगली सुनवाई छह जून को होगी।
बता दें कि जगतार सिंह हवारा अपने अन्य साथियों परमजीत सिंह भ्यौरा, जगतार सिंह तारा और देवी सिंह के साथ जनवरी 2004 में बुड़ैल जेल में बंद था। इस दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बैरक में लगी टॉयलेट सीट को उखाड़कर करीब 94 फीट लंबी सुरंग खोद ली और मौका देखकर उस सुरंग की सहायता से अपने साथियों संग फरार हो गया था। हवारा और भ्यौरा के फरार होने के दो वर्ष बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। वर्तमान में वह तिहाड़ जेल में बंद है।