पंजाब लगातार कर रहा विरोध
इसके बाद पंजाब के तत्कालीन राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक को इस विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। पीयू पिछले कुछ वर्षों से वित्तीय संकट से गुजर रही है। इस दौरान हरियाणा ने पीयू को आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा था लेकिन इसके साथ शर्त भी रखी थी कि उसके कॉलेजों को यूनिवर्सिटी से संबद्ध किया जाए। हालांकि, पंजाब का रुख शुरू से ही नकारात्मक रहा है। एक जून 2023 और 5 जून 2023 को भी बैठक हुई। प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने 22 अक्तूबर 2024 को प्रशासन और पीयू अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान खोजने की कोशिश की मगर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
हरियाणा का नया प्रस्ताव
अब हरियाणा सरकार ने नया प्रस्ताव रखा है कि यदि पूरे राज्य के कॉलेजों को संबद्धता देना संभव नहीं है तो कम से कम पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर के कॉलेजों को पीयू से मान्यता दी जाए। इन जिलों के कॉलेज चंडीगढ़ के पास हैं इसलिए उन्हें जोड़ना व्यावहारिक भी है। इस संबंध में पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों, चंडीगढ़ प्रशासन व पीयू अधिकारियों की बैठक 13 जुलाई 2025 को रखी गई थी लेकिन नहीं हो पाई। इसके बाद 21 अगस्त को प्रस्तावित बैठक भी टल गई। अब यह मामला सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने रखा जाएगा।
सीनेट की बैठक में हुआ था विरोध
3 जून 2023 को पीयू की सीनेट बैठक में भी यह मुद्दा गरमाया था। कई सदस्यों ने कहा कि यदि हरियाणा को संबद्धता दी गई तो हिमाचल प्रदेश भी आगे आकर ऐसी मांग कर सकता है। सीनेट सदस्यों का तर्क था कि यह पूरी तरह क्षेत्राधिकार का मामला है और पीयू को वर्तमान के रूप में ही बने रहना चाहिए।
वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 का पीयू का बजट
हिस्सा मंजूर बजट जारी बजट
केंद्र सरकार 388.84 करोड़ 97.21 करोड़
पंजाब सरकार 95.92 करोड़ 15.84 करोड़