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शिक्षकों को क्लेरिकल काम से हटाने के आदेश

Fri, 08 Nov 2013 02:07 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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मिनिस्ट्रियल स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन एजूकेशन डिपार्टमेंट का प्रतिनिधिमंडल वीरवार को शिक्षा सचिव वीके सिंह से मिला। उन्होंने मांग की है कि एसएसए के लिए अलग से कर्मचारी नियुक्त किए जाए।
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गौरतलब है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने हाल ही में सभी सरकारी स्कूल प्रिंसिपल को सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) शिक्षकों को क्लेरिकल काम से हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

इस फैसले से शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का काम काफी बढ़ गया है। एसोसिएशन प्रधान बीपी गौड़ का कहना है कि 2001 में शिक्षा विभाग ने एसएसए शिक्षकों से ही एसएसए से संबंधित काम कराने के आदेश जारी किए थे। ऐेसे शिक्षकों को हर महीने दो हजार रुपये अलग से मेहनताना दिया जाता था।
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लेकिन यह रकम बंद करते ही एसएसए शिक्षकों ने विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की दलील देते हुए उन्हें इस काम से हटाने की मांग कर दी। गौड़ ने कहा कि उन्होंने शिक्षा सचिव से मांग की है कि एसएसए के लिए अलग से कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।

साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग में वर्क एक्सपीरियंस और लैब अटेंडेंट को भी तुरंत उनके मूल विभागों में भेजने का आग्रह किया। गौड़ के अनुसार ऐसे कई शिक्षक और कर्मचारी भी हैं जो सालों से स्कूल से वेतन ले रहे हैं लेकिन अपनी सेवाएं डीपीआई या डीईओ दफ्तर में दे रहे हैं।
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