महिला न्याय समिति ने यूटी प्रशासक को पत्र लिखकर शहर में महिलाओं के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन करने की मांग की है।
समिति की चेयरपर्सन सतिंदर धवन ने कहा कि शादी और पारिवारिक झगड़ों से संबंधित मामले जब कोर्ट में जाते हैं तो महिलाओं को काफी समस्याएं होती हैं और मामलों का जल्दी निपटारा भी नहीं होता।
कई सालों तक यह केस कोर्ट में चलते रहते हैं और ट्रायल्स के दौरान महिलाओं को काफी कुछ सहना पड़ता है। इसलिए शहर में राष्ट्रीय आयोग होना चाहिए जहां महिलाओं से प्रताड़ना के मामलों को सुलझाया जाए।
धवन ने कहा कि उन्होंने कई बार प्रशासन ने इस संबंध में गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि इस पर प्रशासन को गंभीरता बरतनी चाहिए और महिलाओं के लिए ऐसे आयोग का गठन होना चाहिए।