मेडिकोज लीगल एक्शन ग्रुप (एमएलएजी) ने आम आदमी पार्टी की उस मांग को आड़े हाथों लिया, जिसमें पार्टी ने जाति, लिंग और वर्ग के आधार पर आरक्षित कोटा बढ़ाए जाने की दलील दी।
‘आप’ की ओर से यह बयान पार्टी नेता योगेंद्र यादव की ओर से आया था। यादव ने कहा था कि उनकी पार्टी पिछड़ी जातियों, महिलाओं और आर्थिक रूप से विभिन्न वर्गों के लिए अतिरिक्त कोटा सुनिश्चित कराने के लिए जद्दोजहद करेगी।
एमएलएजी के कनवीनर डा. नीरज नागपाल ने कहा है कि ‘आप’ का यह बयान दरअसल, अन्य मुख्य राजनीतिक दलों की ही तर्ज पर सुर्खियां बटोरने का एक हथकंडा है।
राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में ‘आप’ के सत्ता के आने के बाद डाक्टरों समेत सभी पेशेवर समुदायों के बीच बेहतर भारत की एक उम्मीद जागी है।
उन्होंने कहा कि पर अब यह उम्मीद निराशा में तबदील होती नजर आ रही है, क्योंकि लगता है कि ‘आप’ भी अन्य राजनीतिक दलों से जुदा नहीं।
डा. नागपाल ने कहा कि हालांकि एमएलएजी एक गैर-राजनीतिक इकाई है, पर जातिगत आरक्षण से मेडिकल ट्रेनिंग और ओवरऑल प्रोफेशन पर नकारात्मक असर पड़ेगा और इसलिए ऐसे किसी भी प्रयास का विरोध जरूरी है।