रात का वक्त, एंबुलेंस में हाई रिस्क डिलीवरी केस पर मासूम को नहीं बचा पाए डॉक्टर। मामला संगरूर के सुनाम का है। अस्पताल जा रहे हाई रिस्क (बेहद जोखिम) डिलीवरी केस को इमरजेंसी की स्थिति में सुनाम के सरकारी अस्पताल लाया गया और डाक्टरों की टीम एंबुलेंस में ही डिलीवरी करके मां को बचाने में सफल रही। डाक्टरों के पास इतना भी वक्त नहीं था कि मरीज को एंबुलेंस से ऑपरेशन थिएटर तक ले जा सकें। हालांकि गर्भ में पल रहे करीब साढे़ छह माह के बच्चे को बचाया नहीं जा सका। लेकिन जिस प्रकार से गर्भवती एंबुलेंस में तड़प रही थी उससे परिजनों के मन में इतना खौफ पैदा हो गया कि दोनों नहीं बच सकेंगे।
मामला बुधवार रात साढ़े 11 बजे का है। सुनाम के सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में एंबुलेंस पहुंची और उसमें सवार बुजुर्ग महिला जसवीर कौर ने स्टाफ से उसकी पुत्रवधू की जान बचाने की गुहार लगाई। ड्यूटी पर तैनात डाक्टर राजीव जिंदल और फार्मासिस्ट राजेश कुमार व सिस्टर ममता रानी तुरंत एंबुलेंस की तरफ पहुंचे और गर्भवती सुखप्रीत कौर (24) की अति नाजुक हालत को देखकर एंबुलेंस में डिलीवरी करने में जुट गए। वहीं डिलीवरी करके डाक्टर व स्टाफ ने ही मरीज को स्ट्रेचर पर डाला और ऑपरेशन थिएटर में ट्रीटमेंट किया।