श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह सोमवार को दविंदर पाल भुल्लर से मिलने पहुंचे। एसजीपीसी के सदस्य राजेंद्र सिंह मेहता भी उनके साथ थे। जत्थेदार दोपहर करीब पौने एक बजे मेडिकल कॉलेज के स्वामी विवेकानंद नशा छुड़ाओ केंद्र पहुंचे। डीसीपी क्राइम जगजीत सिंह वालिया ने उन्हें भुल्लर से मिलने से रोक दिया।
पुलिस कमिश्नर के आदेशानुसार, भुल्लर से मिलने का समय मंगलवार और वीरवार रखा गया है। आधे घंटे बाद जत्थेदार ने जेल अधीक्षक रविंदर कुमार शर्मा से इजाजत मांगी। बाद में अधीक्षक ने वीआईपी कोटे से उन्हें मिलने की इजाजत दे दी। ज्ञानी गुरबचन सिंह ने भुल्लर का हाल जाना और भरोसा दिया कि एसजीपीसी हर मुश्किल में उसके परिवार के साथ है।
ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया कि भुल्लर को पंजाब लाने के लिए राज्य सरकार ने काफी मशक्कत की है, जिस कारण वह अमृतसर शिफ्ट हो सका। भुल्लर की रिहाई के लिए वे जल्द ही केंद्र सरकार से आग्रह करेंगे। दिल्ली में 1993 में हुए बम विस्फोट मामले में सजायाफ्ता भुल्लर को बीते दिनों तिहाड़ जेल से अमृतसर शिफ्ट किया गया है।
भुल्लर की सुरक्षा में 100 पुलिसकर्मीः
पुलिस ने भुल्लर की सुरक्षा के लिए सौ कर्मचारी तैनात किए हैं। अस्पताल के बाहर पुलिस ने चेक पोस्ट लगाए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। आला अधिकारियों की इसकी जानकारी भी दी जा रही है। भुल्लर के बारे में जानकारी लेने आने वालों की पूरी जांच की जा रही है।