पंजाब में महिलाओं के प्रति सरकारी रवैया संवेदनहीनता को पार करता जा रहा है। बादल सरकार महिलाओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तब करती है, जब मामला हाथ से निकल चुका होता है।
संगरूर के मानकमाजरा सरकारी हाईस्कूल में मिड-डे मील कुक मनदीप कौर का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने सूबे के मंत्री से भरी सभा में सवाल पूछने की गुस्ताखी की। मंत्री से सवाल पूछना सत्ताधारी पार्टी के नेताओं को इतना नागवार गुजरा कि उसे नौकरी से निकाल दिया गया। अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री के पास तक गुहार लगा चुकी महिला पिछले दो माह से अधिक समय से स्कूल के सामने धरने पर बैठी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
मनदीप कौर संगरूर जिले के सरकारी हाईस्कूल मानक माजरा में पिछले सात साल से मिड-डे मील कुक के तौर पर कार्य कर रही थी। इसके साथ ही वह डेमोक्रेटिक मिड-डे मील कुक फ्रंट पंजाब की जनरल सेक्रेटरी भी है।
आरोप है कि गांव में आयोजित सूबे के वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा की एक सभा में उसने पूछ लिया था कि मिड-डे मील कुकों को इतना कम वेतन दिया जाता है, क्या इससे गुजारा संभव है? इस सवाल से ढींढसा असहज हो गए थे और मनदीप से नाराज चल रहे सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने दबाव बनाया तो स्कूल मैनेजमेंट कमेटी ने मनदीप कौर को 20 फरवरी को बर्खास्त कर दिया।
22 मार्च से स्कूल के सामने धरना दे रही हैं मनदीप कौर
मनदीप कौर ने अपनी बर्खास्तगी को रद्द करने की गुहार जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक से की, लेकिन कहीं से सुनवाई न होने के बाद वह 22 मार्च से स्कूल के सामने धरना दे रही है।
पंजाब में 50 हजार मिड-डे मील कुक: सूबे में 50 हजार मिड-डे मील कुक हैं। इन्हें 1200 रुपये वेतन दिया जाता है। वह भी साल में केवल 10 महीने। ये सरकारी स्कूलों में आठवीं तक के बच्चों को खाना बनाकर खिलाती हैं। इनकी नियुक्ति स्कूल मैनेजमेंट कमेटी करती है। पहले कुक को 40 पैसे प्रति बच्चे के हिसाब से भुगतान किया जाता था। बाद में 1000 रुपये और 2012 में राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 1200 रुपये कर दिया।
बेटी है स्कूल की टॉपर: मनदीप गांव दरोगेवाला की रहने वाली है। वहां से तीन किमी दूर वह मानकमाजरा में नौकरी करने आती थी। उसका पति मजदूर है और दो बच्चे हैं, जो इसी स्कूल में पढ़ते हैं। उसकी बेटी अमरप्रीत आठवीं में टापर रही। बेटा छठीं में पढ़ता है। उसका कहना है कि अपने हक से संबंधित सवाल पूछना क्या गुनाह है? 1200 रुपये में क्या होता है, वह भी साल में 10 माह मिलता है।
लुपिंदर सिंह , सरपंच, मानकमाजरा ने बताया कि लेडी टीचरों के साथ कुक का व्यवहार ठीक नहीं था। उन्होंने मनदीप की शिकायत की थी। उसने एक बच्ची की बांह मरोड़ दी, जिसके कारण स्कूल मैनेजमेंट कमेटी ने उसे बर्खास्त किया।
डीईओ बोले रिटायर हो गया: मोबाइल पर बात करने पर निर्मल सिंह सिद्धू ने माना कि डीईओ बोल रहे हैं लेकिन मिड डे मील कुक मनदीप कौर की बर्खास्तगी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वे रिटायर हो गए हैं।