पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई इन दिनों पंजाब पुलिस की हिरासत में है। मगर जल्दी ही दिल्ली पुलिस वापस मांगेगी, ताकि इसी हत्याकांड में आगे जांच की जा सकी। दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टरों खासकर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के सभी आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई की है और अनलॉफुल एक्टीविटीज प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) लगा दिया है। इनमें लॉरेंस बिश्नोई के अलावा कनाडा में छिपे गैंगस्टर गोल्डी बराड़, गैंगस्टर नीरज बवाना, लक्की पटियाल का नाम भी शामिल हैं।
इधर, पंजाब पुलिस अब तक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में अदालत में चार्जशीट पेश कर चुकी है। हालांकि उसे अब भी कुछ गैंगस्टरों और हत्यारों की तलाश है। जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारियों की बैठक में गैंगस्टरों पर यूएपीए लागू करने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने दो और केस भी दर्ज कर लिए हैं। पहले केस में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ के अलावा विक्रम बराड़, लॉरेंस बिश्नोई के रिश्तेदार सचिन थापन, लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई, काला जठेड़ी, जसदीप सिंह उर्फ जग्गू भगवानपुरिया, लखबीर सिंह लंडा के नाम भी शामिल हैं।
वहीं, दूसरे केस में बंबीहा गैंग के नए मुखिया गौरव उर्फ लक्की पटियाल, कौशल चौधरी, नीरज बवाना, अमित डागर, भूप्पी राणा, सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया, बाबा ढल्ला उर्फ गुरविंदर को नामजद किया गया है। इन सभी गैंगस्टरों में से ज्यादातर पंजाब और दिल्ली की जेलों में बंद हैं और बाकी कनाडा, दुबई और पाकिस्तान से अपने गैंग चला रहे हैं।
कौशल चौधरी और अमित डागर 2021 में मोहाली में विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के साजिशकर्ता भी हैं। दिल्ली पुलिस ने इन सभी गैंगस्टरों पर यूएपीए के तहत केस दर्ज कर लिया है। इन गैंगस्टरों में से जो इस समय जेलों में बंद हैं, उन्हें दिल्ली पुलिस अब रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ करेगी, ताकि गैंगस्टरों का नेटवर्क तोड़ा जा सके। इसके साथ ही विदेश भाग चुके गैंगस्टरों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से संपर्क करेगी। वहीं गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को दिल्ली पुलिस पंजाब से वापस लेगी।