मैंने आज ही प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। पांच सितंबर को प्रधानमंत्री ने एलान किया था कि 14500 स्कूलों को केंद्र सरकार अपग्रेड करेगी। मगर देश में साढ़े 10 लाख सरकारी स्कूल हैं। अगर 14500 स्कूलों को अपग्रेड किया गया तो 100 साल लग जाएंगे। मेरा प्रधानमंत्री से निवेदन है कि सभी राज्य सरकारों को एक साथ लीजिए और हम अपने 10 लाख स्कूलों को पांच साल में अपग्रेड करेंगे। दिल्ली में हमने सरकारी स्कूलों को कम पैसे में ठीक किया है। पंजाब में भगंवत मान स्कूलों को ठीक करने में लगे हैं।
सरकारी स्कूलों को बंद करना खतरनाक
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश में आज सरकारी स्कूलों को बंद करने का चलन है। हरियाणा में पिछले कुछ सालों में कांग्रेस और भाजपा की सरकार ने 700 स्कूलों को बंद कर दिया है। अगर सरकारी स्कूलों को बंद कर देंगे तो गरीब बच्चे कहां जाएंगे। सरकारी स्कूलों को बंद करने के बजाय उन्हें शानदार बना दो। सरकारी स्कूलों को बंद करना बेहद खतरनाक है। ऐसे में देश के 18 करोड़ बच्चे कहां पढ़ेंगे। यह बच्चे 10 लाख सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। जब तक ये बच्चे नहीं पढ़ेंगे, तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता।
भगवंत मान बोले- स्वास्थ्य ढांचे में यूक्रेन हमसे आगे
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अरविंद केजरीवाल को देश का सबसे क्रांतिकारी मुख्यमंत्री बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल में शायद किसी मुख्यमंत्री ने यह बातें उठाई होंगी। उन्होंने कहा कि अगर 130 करोड़ लोगों का सुर मिल जाएगा तो हमारा देश नंबर वन बन जाएगा। यूक्रेन 25-26 साल पहले आजाद हुआ। मगर हमें तब पता चला अपने मेडिकल के छात्रों को वहां से निकालना पड़ा। यूक्रेन स्वास्थ्य ढांचे में हमसे बहुत आगे है। जो काम यहां तीन करोड़ में होता, वह यूक्रेन में तीन लाख रुपये में होता है।
एक साथ मिलने पर ही देश तरक्की करेगा। हमने पंजाब में 100 मोहल्ला क्लीनिक खोले हैं। विधायक को एक बार ही पेंशन मिलेगी। उद्योगों की खातिर सिंगल विंडो सिस्टम बना रहे हैं। अब उद्योगपति पंजाब से समझौता करने आते हैं। पहले यहां एक परिवार से समझौता करने आते थे। जोमैटो को चलाने वाला फरीदकोट का है। ओला के मालिक साहनेवाल से हैं। फ्लिपकार्ट के मालिक भी पंजाबी है। आम आदमी पार्टी सभी को अवसर दे रही है। देश को नंबर वन बनाने में आम आदमी पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ेगी। पंजाब में सच्ची नीयत से अध्यापकों को नियमित किया। देश तरक्की कर सकता है। मगर जरूरत सच्ची नीयत वाले लोगों की है।