उधर, शिरोमणि अकाली दल ने केजरीवाल की घोषणा के बाद आप पर निशाना साधा। शिअद का कहना है कि आम आदमी पार्टी पंजाब में गरीबों को 200 यूनिट प्रति माह मुफ्त मिलने वाली बिजली को भी समाप्त कर देगी। प्रकाश सिंह बादल ने दलितों और पिछड़ा वर्ग को यह राहत दी थी।
अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया है कि 300 यूनिट तक प्रति माह खपत पर ही मुफ्त बिजली सुविधा मिलेगी। केजरीवाल से जब इस मुद्दे पर सवाल किया गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि अगर खपत 300 यूनिट से ज्यादा हुई तो उपभोक्ताओं को पूरे बिल का भुगतान करना होगा और उन्हें कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। यह पंजाबियों के साथ भद्दा मजाक है, क्योंकि अधिकांश इस योजना के लाभ के पात्र नहीं होंगे। इसके बजाय गरीबों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा छीन ली जाएगी।
डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री 2022 के चुनाव में लोगों को मूर्ख बनाने के लिए साढ़े चार साल बाद वापस आए हैं। इससे पहले भी केजरीवाल ने मादक पदार्थों की तस्करी और बेअदबी का मुद्दा उठाकर पंजाबियों को मूर्ख बनाने की कोशिश की थी।
पंजाब की जनता को गुमराह न करें केजरीवाल: भाजपा
पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि केजरीवाल ने दिल्लीवासियों से किए वादे पूरे नहीं किए। यही वजह है कि इस बार दिल्ली चुनाव में उनकी हार तय है। अब वह अपना आधार बचाने के लिए दूसरे राज्यों का रूख कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता उनके इन झूठे वादों पर एतबार नहीं करेगी। केजरीवाल खुली आंखों से मुंगेरीलाल के सपने देख रहे हैं। केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से ‘बिजली हाफ-पानी माफ’ का वादा किया था लेकिन दिल्ली सरकार पटेलनगर के नेहरू नगर के घरों में बिजली के 20,000 से 25,000 रुपये प्रति महीना बिल भेज रही है। इतना ही नहीं दिल्ली सरकार ने हर घर को 20,000 लीटर फ्री पानी देने का वादा किया था लेकिन दिल्ली सरकार वहां की जनता को 25,000 से 2,00,000 रुपये तक पानी के बिल भेज रही है।