खैरा गुट ने इस पर बात करने को आठ नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया था। खैरा के बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है। उन पर जो भी कार्रवाई की जानी है, समय आने पर की जाएगी। मेरी सियासत खैरा नहीं, लोगों की भलाई, भ्रष्टाचार का खात्मा, सेहत व शिक्षा हैं। जब उनसे पूछा गया कि खैरा आए दिन पार्टी नेतृत्व को चुनौती देते रहते हैं, तो केजरीवाल ने कहा कि करते रहें, इससे क्या फर्क पड़ता है।
उनसे पूछा गया कि खैरा कहते हैं कि वह दिल्ली सीएम का नाम नहीं लेना चाहते तो केजरीवाल का जवाब था मैं भी यही चाहता हूं कि उन्हें मेरा नाम नहीं लेना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि आप एक परिवार की तरह है और हर परिवार में कुछ विवाद होते हैं। पंजाब इकाई में जो भी आंतरिक विवाद है, वह जल्द सुलझा लिया जाएगा।