कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार
इसकी शुरुआत हरियाणवी नृत्य धमाल से की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में ही बिहार और छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य ‘छाव’ की प्रस्तुति बेहद मनमोहक रही। उत्तर प्रदेश के लोकनृत्य मयुर, बरसाना की होली, पंजाब के नृत्य लुड्डी राजस्थानी और हरियाणवी नृत्य ‘लूर’ की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बार-बार तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया है।
इसके साथ-साथ राजस्थान के भवई नृत्य की प्रस्तुति भी बेहद मनमोहक रही। इनके अलावा हरियाणा वंदना, हरियाणा का विकास के गीत और संकल्प गीत विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे जिनमें हरियाणा की विकास यात्रा प्रस्तुत की गई। राज्यपाल ने समारोह में भाग लेने वाले कलाकारों को पांच लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने कला एवं संस्कृति विभाग की और से उन कलाकारों को सम्मानित किया जिन्होंने पिछले दिनों सांझी प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए थे।