पीयू में मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) की जगह अब आउट सॉर्सिंग से दिल्ली की दो कंपनियां 224 कर्मचारियों की भर्ती करेगी। एक कंपनी को 100 क्लर्कों की भर्ती करने जिम्मा दिया जा रहा है। दूसरी कंपनी अन्य कर्मियों की भर्ती करेगी। नए साल में यह नई व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी चल रही है।
पीयू में आउट सॉर्सिंग से काम लेने के लिए 36 करोड़ का बजट पास होता है। इस बजट से जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों की भर्तियां आउट सॉर्सिंग के जरिये की जाती हैं और अन्य कार्य भी होते हैं। अब तक पीयू में एमटीएस 224 कर्मचारियों की तैनाती किए हुए थी। इसमें क्लर्क, अकाउंटेंट, चपरासी, माली, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि शामिल थे।
एक ही कंपनी को काम देने समेत पूरी प्रक्रिया पर अमर उजाला ने सवाल खड़े किए थे। इसके बाद पीयू प्रशासन जागा और अगली तैयारी शुरू कर दी। सूत्रों का कहना है कि अब एमटीएस की जगह दिल्ली की दो कंपनियों को यह काम दिया जा रहा है। 224 कर्मचारी यह कंपनियां रखेंगी।
एमटीएस कर्मियों के भविष्य पर कोई खुलकर नहीं दे रहा जवाब..
अब सवाल यह उठता है कि पीयू में एमटीएस के जो कर्मचारी काम कर रहे हैं वह सभी बेरोजगार हो जाएंगे या फिर दिल्ली की कंपनियां उन्हें जगह देंगी? इस पर कोई भी खुलकर जवाब देने को तैयार नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि कुछ कर्मचारियों को दिल्ली की कंपनियां काम दे सकती हैं। सूत्रों का कहना है कि तैनात किए जाने वाले कर्मचारी पीयू के प्रति जिम्मेदार नहीं हैं, वह गड़बड़ी आदि होने पर सीधे कंपनियों को पकड़ेगी, इसलिए कंपनियां अपने हिसाब से कर्मचारियों की भर्तियां करेंगी।
विशेषज्ञों ने आउट सॉर्सिंग पर उठाए सवाल..
- पीयू में आउट सॉर्सिंग से 224 कर्मचारियों की जरूरत नहीं हो रही महसूस
- कांट्रेक्ट पर वर्षों से कई कर्मचारी काम कर रहे हैं, जो नहीं हो पाए स्थाई नहीं, निकालना चाहिए हल
- पीयू को भर्तियां खोल स्वीकृत पदों पर कर्मचारी रख स्थायी हल खोजना चाहिए था
- हर साल करोड़ों रुपये कंपनियों के खातों में जाने पर भी उठाया सवाल
- मैनपावर ऑडिट करवाकर जरूरत के अनुसार कुछ कर्मचारियों की भर्तियां करनी चाहिए थी