दिल्ली विधानसभा चुनाव में शिअद (टकसाली) ने अभी किसी भी राजनीतिक पार्टी को समर्थन देने के बारे में अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इसके बावजूद शिअद (टकसाली) ने दिल्ली चुनाव में नजर रखने के लिए अपने पर्यवेक्षक भेजे हुए हैं। यह पर्यवेक्षक इस चुनाव में शिअद (बादल) और भाजपा के राजनीतिक संबंधों पर निगाह रखे हुए हैं, वही शिअद (दिल्ली) और जागो पार्टियां सिखों पर क्या राजनीतिक प्रभाव डालती हैं, इसका भी अध्ययन कर रही हैं। पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में यह सभी अकाली गुट भाजपा का समर्थन दे सकते हैं।
शिअद (टकसाली) के महासचिव सेवा सिंह सेखवां ने बताया कि उनकी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध नहीं कर रही है। पार्टी अध्यक्ष रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा, सुखदेव सिंह ढींढसा सहित वरिष्ठ नेता रवि इंद्र सिंह किसी भी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार नहीं कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार भाजपा और आम आदमी पार्टी ने शिअद (टकसाली) के नेताओं को दिल्ली में उनके उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार करने का संदेश भेजा था। इसके बाद ही शिअद के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने दिल्ली चुनाव में भाजपा के समर्थन की घोषणा की थी।
एक अन्य शिअद (टकसाली) नेता ने कहा कि बेशक उनकी पार्टी दिल्ली में किसी भी राजनितिक पार्टी का प्रचार नहीं कर रही हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी दिल्ली चुनाव पर नजर नहीं रखे है। पार्टी के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि कौन सा अकाली गुट किस पार्टी का समर्थन कर रहा है। पंजाब के 2022 विधान सभा चुनाव में यही अकाली गुट भाजपा के साथ सक्रिय भूमिका निभाएंगे। नवगठित जागो पार्टी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने कहा कि बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद 4 सीटों का नुकसान शिअद (बादल) को हुआ है। इसका असर 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में दिखेगा।
उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव केंद्र सरकार में एक मंत्री पद की मजबूरी ने शिअद (ब) को भाजपा का समर्थन देने में मजबूर होना पड़ा है। एसएडी (डी) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कहा कि दिल्ली चुनाव में उनकी पार्टी का समर्थन मुद्दा और व्यक्तिगत-आधारित होगा। उनकी पार्टी हर उम्मीदवार की प्रतिबद्धता का मूल्यांकन करेगी। यदि हम इसके लिए प्रतिबद्ध उम्मीदवार पाते हैं, तो हम निश्चित रूप से अपना समर्थन देंगे। अगर हम उन्हें सिख विचारधारा के अनुरूप कुछ भी करने के लिए प्रतिबद्ध पाते हैं, तो उन्हें हमारा समर्थन मिलेगा।