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सेवा में कोताही, HDFC बैंक को देना होगा मुआवजा

Sun, 06 Dec 2015 06:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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गलत पॉलिसी देने के बाद जब शिकायतकर्ता ने इसका विरोध किया तो बैंक ने पांच लाख की राशि लौटा दी, लेकिन उक्त राशि पर ब्याज नहीं दिया गया। इस पर उपभोक्ता फोरम ने बैंक को सेवा में कोताही का दोषी माना है।
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फोरम ने एचडीएफसी बैंक को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को पांच लाख रुपये की प्रिंसिपल अमाउंट पर नौ प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज अदा करे। साथ ही 25 हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के अध्यक्ष राजन देवान, सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू और प्रीति मल्होत्रा ने सुनवाई के बाद दिया है।

शिकायतकर्ता सरबजीत कौर निवासी कोरुमाजरा जिला मोहाली ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 चंडीगढ़ स्थित एचडीएफसी बैंक, सेक्टर-32 डी स्थित एचडीएफसी बैंक के मैनेजर और 43बी स्थित एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
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शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि बैंक ने 50 लाख रुपये की गलत सेविंग प्लान पॉलिसी जारी कर दी। जब शिकायतकर्ता ने 32डी स्थित बैंक के मैनेजर से संपर्क किया तो उनकी पांच लाख की राशि को एफडी में डाल दिया गया। उन्होंने यह राशि गांव की जमीन बेचकर जमा किया था।

शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि उनकी पांच लाख रुपये की राशि को फिक्स डिपोजिट की जगह सेविंग प्लान पॉलिसी जारी कर दिया। इसमें उन्हें हर साल पांच लाख रुपये जमा करना होगा।

शिकायतकर्ता पांच वर्ष इंतजार करती रहीं। जब मई 2013 में संबंधित ब्रांच में गईं तो पता चला कि उन्हें 20 लाख रुपये और जमा कराने हैं। इसके बाद शिकायतकर्ता ने बैंक को लीगल नोटिस भेजा। इसके बाद बैंक ने पांच लाख रुपये तो लौटा दिए, लेकिन ब्याज नहीं दिए। दूसरे पक्ष ने कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।
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