राफेल के प्रवेशन समारोह संपन्न होने के बाद अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय और फ्रांसीसी प्रतिनिधि मंडल के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी संपन्न हुई। वार्ता में भारत और फ्रांस के रक्षामंत्रियों समेत दोनों देशा के आला सैन्य अधिकारीगण भी मौजूद रहे। वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच जहां रक्षा क्षेत्रों में अपने रिश्ते और प्रगाढ़ करने पर बल दिया गया।
वहीं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस को रक्षा क्षेत्र में निवेश करने का भी न्योता दिया। वार्ता के दौरान रक्षामंत्री व अन्य आला अफसरों ने फ्रांस के प्रतिनिधिमंडल को मेक इन इंडिया इनिशिएटिव की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि महामारी में भारत इस इनिशिएटिव का और मजबूती से आगे लेकर जा रहा है। इसमें रक्षा उपकरण संबंधी क्षेत्र एक अपार संभावनाओं का क्षेत्र हैं।
फ्रांस प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि इसी कोरोना काल में देश की सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत डिफेंस इंडस्ट्री क्षेत्र के लिए एक बड़े पैकेज की भी घोषणा की है। ऐसे में फ्रांस के लिए भारतीय डिफेंस इंडस्ट्री में निवेश करने का अच्छा अवसर भी है। रक्षामंत्री ने वार्ता में फ्रांस को देश की डिफेंस इंडस्ट्री में निवेश का न्योता भी दिया।
राजनाथ सिंह ने आपसी रक्षा सहयोग पर जोर दिया
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस लंबे समय से आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक साझेदार रहे हैं। मजबूत लोकतंत्र के प्रति हमारी आस्था और संपूर्ण विश्व में शांति की कामना, हमारे आपसी संबंधों के आधार हैं। वर्तमान दौर में, दुनिया में सुरक्षा के साथ-साथ, आर्थिक और जीयो रणनीतिक मुद्दे नए-नए रूपों में हमारे सामने आ रहे हैं। इनका लगातार सामना करते हुए, हम दो बड़े लोकतंत्र, एक स्थायी, सक्त्रिस्य, और भविष्योन्मुखी संबंध बनाने और बढ़ाने में कामयाब रहे हैं।
हमने न सिर्फ एक दूसरे की जरूरतों और चुनौतियों को गहराई से समझा है, बल्कि उनसे पार पाने की दिशा में कदम से कदम मिला कर आगे बढ़ रहे हैं। रक्षा मंत्री के अनुसार, भारत की स्वाधीनता के बाद, हमारे देश और फ्रांस के बीच जीवंत रक्षा सहयोग विकसित हुआ है। आपसी रक्षा सहयोग से हमारी एयरफोर्स ने फ्रेंच फाइटर एयरक्रॉफ्ट से अपने आपको न सिर्फ लैस किया है बल्कि अनेक मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम भी दिया है। 1965 के युद्ध में पाकिस्तान के खिलाफ हमारी विजय इस बात का गवाह है।
साथियों एक बार फिर एयरफोर्स ने 1999 में करगिल में भी यह इतिहास दोहराया था। उधर, बैठक में फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ले ने कहा कि उन्हें भारत की ओर से निवेश संबंधी जो न्योता मिला है, वे उसका सम्मान करती हैं। उनके अनुसार भारत और फ्रांस के भारत और फ्रांस के बीच एक स्पेशल स्टेटजिक पार्टनरशिप, है। जो समय के साथ लगातार मजबूत हो रहा है। फ्रेंच सरकार इस ऑफर पर भी अपना रवैया सकारात्मक रखेगी, ऐसी उन्हें आशा है।