चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ के डीपीआई स्कूल और सीबीएसई को आदेश दिए हैं कि सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें ही पढ़ाई जाएं।
पंजाब के तीन सौ से अधिक निजी स्कूलों के अलावा हरियाणा व चंडीगढ़ में निजी स्कूलों की ओर से एनसीईआरटी की पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें पढ़ाए जाने के मामले में दायर याचिका में कहा गया कि निजी स्कूलों में बच्चों को एनसीईआरटी की बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जो एनसीईआरटी की पुस्तकों से 10 गुना तक अधिक महंगी होती हैं।
याचिका में कहा गया कि यह सारा खेल निजी स्कूल प्रबंधकों की मिलीभगत से चल रहा है। हाईकोर्ट में इस जनहित याचिका को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को सीबीएसई, पंजाब और हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ के डीपीआई स्कूल को आदेश जारी किए कि चार सप्ताह में वे यह सुनिश्चित करें कि सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें ही पढ़ाई जाएं।