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प्रशासन का निगम को फरमान, पांच गांवों में लगाएं प्रापर्टी टैक्स

Sat, 28 May 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रॉपर्टी टैक्स - फोटो : DEMO Pics
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प्रशासन ने नगर निगम को शहर के पांच गांवों में प्रापर्टी टैक्स लगाने के निर्देश जारी कर दिया है। इस संबंध में प्रस्ताव 30 मई को होने वाली नगर निगम की बैठक में चर्चा के लिए लाया जा रहा है।
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ये गांव साल 2006 में प्रशासन से नगर निगम में शामिल हुए थे। पिछले माह नगर निगम सदन की बैठक में भी यह प्रस्ताव लाया गया था लेकिन कांग्रेस के हंगामे के बाद मेयर ने बैठक स्थगित कर दी थी। जिस कारण प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी थी। ऐसे में 30 मई को होने वाली बैठक में भी यह प्रस्ताव पास होने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि कांग्रेस के साथ -साथ भाजपा के कुछ पार्षद भी इसके खिलाफ हैं क्योंकि इस साल नगर निगम चुनाव होने हैं। ऐसे में कोई भी दल शहरवासियों पर बोझ नहीं डालना चाहता। 

इन गांवों में लगेगा प्रॉपर्टी टैक्स 
नगर निगम ने जिन पांच गांवों में प्रापर्टी टैक्स लगाने का निर्देश दिया है, उनमें पलसौरा, हल्लोमाजरा, मलोया, कजहेड़ी और डड्डूमाजरा शामिल हैं। यहां पर तीन हजार से ज्यादा कामर्शियल एरिया और दुकानें हैं। शहर में प्रापर्टी टैक्स साल 2003 से लागू है, लेकिन ये गांव 2006 में नगर निगम में शामिल हुए इसलिए इन पर प्रापर्टी टैक्स लगाने का निर्णय निगम राजनीति केकारण नहीं ले पाया।
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प्रापर्टी टैक्स से इकट्ठे होते है 20 करोड़
शहर में इस समय प्रापर्टी टैक्स से 20 करोड़ की राशि इकट्ठी होती है।  नगर निगम के अनुसार 20 हजार व्यापारी हर साल प्रापर्टी टैक्स अदा करते हैं। कांग्रेस पार्षद दर्शन गर्ग का कहना है कि हाउस टैक्स से गांव को छूट दी गई है ऐसे में कामर्शियल इमारतों को भी प्रापर्टी टैक्स में छूट मिलनी चाहिए। 

प्रदीप छाबड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि साल 2013 में पांच गांवों में प्रापर्टी टैक्स लगाने का प्रस्ताव खारिज हो चुका है। उनका कहना है कि प्रस्ताव आने पर इसका विरोध किया जाएगा। प्रस्ताव को पास नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना है कि भाजपा प्रशासन के साथ मिलकर नए नए टैक्स लगा रही है।
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