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सतलोक आश्रम: 'संत' रामपाल दोनों मामलों में दोषी करार, 16-17 अक्तूबर को सुनाई जाएगी सजा

Thu, 11 Oct 2018 01:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार
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सतलोक आश्रम प्रकरण से जुड़े हत्या और षड्यंत्र के मामले में 'संत' रामपाल समेत सभी 30 आरोपियों को दोषी करार दे दिया गया है। सजा पर फैसला फिलहाल सुरक्षित है। बताया जा रहा है कि सजा अब 16 और 17 अक्तूबर को सुनाई जाएगी। हिसार की सेंट्रल जेल में लगी अदालत में न्यायाधीश डीआर चालिया ने सुनवाई की।
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बता दें कि नवंबर 2014 में सतलोक आश्रम में हुए विवाद में पांच महिलाओं और एक बच्चे की मौत हुई थी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सतलोक आश्रम संचालक रामपाल सहित 30 लोगों पर 302, 343 और 120बी के तहत केस दर्ज किया। तब से लेकर अब तक सुनवाई का दौर जारी है और रामपाल भी जेल में ही कैद हैं।

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वहीं, वीरवार को अदालत के फैसले मद्देनजर हिसार में धारा-144 लगाई गई। रेलवे स्टेशन-बस स्टैंड पर ट्रेनों और बसों में यात्रियों की चेकिंग की गई। कानून व्यवस्था बनाए रखने और रामपाल समर्थकों को हिसार आने से रोकने के लिए हिसार आने वाली 15 ट्रेनों को रद्द कर दी गई। कई जिलों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया।

दूसरे जिलों से आने वाले रास्तों पर नाकेबंदी की गई। शहर की सुरक्षा के लिए 2000 के करीब पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया। शहर के अंदर भीड़भाड़ वाली जगहों पर पुलिस तैनात की गई। जेल-1 और जेल-2 के बाहर, कोर्ट परिसर, रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा कड़ी की गई।
 
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उकलाना मंडी पुलिस भी चौकस

rampal
अशांतिपूर्ण घटना की आशंका के चलते अस्पताल को अलर्ट किया गया
रामपाल को सजा सुनाए जाने के चलते प्रशासन ने किसी भी तरह की अशांति पूर्ण घटना होने पर उससे निपटने के लिए नागरिक अस्पताल में अलर्ट भेजा। अस्पताल प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया। सामान्य मरीजों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। सीएमओ डॉ. दयानंद ने बताया कि किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति के लिए स्टॉफ को आवश्यक दिशा निर्देश दे दिए गए।

आईजी बोले-सोशल मीडिया पर न फैलाएं अफवाह
हिसार रेंज के आईजी संजय कुमार ने झूठी अफवाहें फैलाने वालों पर रोकथाम के लिए साइबर सेल को सक्रिय किया। असामाजिक तत्वों पर निगरानी के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय किया, जिसमें पुलिस जवानों की सादे कपड़ों में ड्यूटियां लगाई गई। कानून एवं शांति बनाए रखने के लिए लोगों को पुलिस प्रशासन का सहयोग करने को कहा गया।
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