बिना सीएलयू के एग्रीकल्चर लैंड पर तथा निर्धारित शर्तों को पूरा न करने वाले शराब के 70 ठेकों और रिटेल शॉप्स को नोटिस जारी किया गया है। इन 70 में से 50 ने अपना जवाब प्रशासन को सौंप दिया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में यह जानकारी यूटी प्रशासन द्वारा एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दी गई।
चंडीगढ़ प्रशासन ने बुधवार को हाईकोर्ट को बताया कि 50 ठेकों का जवाब जरूर मिल गया है, लेकिन इतना ही काफी नहीं है। इन ठेकों की फिजिकल वेरिफिकेशन कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने तीन सदस्यों की टीम का गठन किया है। इस टीम में तहसीलदार, नगर निगम के एसडीओ (बिल्डिंग) और ईटीओ को शामिल किया गया है। टीम इन ठेकों की फिजिकल वेरिफिकेशन कर अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट की के आधार पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार एवं जस्टिस अवनीश झिंगन की खंडपीठ ने इस जानकारी के बाद याचिका का निपटारा कर दिया।
यह है मामला
हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए ठेका मालिक ने अपने ठेके को बंद करने के फैसले को चुनौती दी थी। याची ने कहा था कि शहर में दर्जनों शराब के ठेके और रिटेल शॉप्स बिना चेंज ऑफ लैंड यूज ही चलाई जा रही हैं। ऐसे में कार्रवाई हो तो सभी पर होनी चाहिए केवल उस पर नहीं।
इस पर हाईकोर्ट ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए चंडीगढ़ प्रशासन को आदेश दिए थे कि वो इन सभी ठेकों का पक्ष सुन कर कानूनी कार्रवाई करे। याची ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट में सौंपी एक स्टेटस रिपोर्ट में खुद माना था कि दर्जनों शराब की दुकानें कृषि भूमि को बिना चेंज ऑफ लैंड यूज के चल रही हैं। जब प्रशासन ने खुद माना कि शहर में दर्जनों दुकान ऐसे चल रही हैं उनको बंद क्यों नही करवा रहा। अब प्रशासन द्वारा इस मामले में की गई कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने संतुष्टि जताते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।