चंडीगढ़ नगर निगम की ओर से शहर की बेहद खराब (वेरी पुअर) और खराब (पुअर) श्रेणी की सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए करीब 40 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए थे। मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने निर्देश दिए थे कि सभी कार्य 15 दिसंबर तक पूरे कर लिए जाएं क्योंकि इसके बाद ठंड बढ़ने से सड़क निर्माण संभव नहीं रहता। बावजूद इसके तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी कई वार्डों में सड़कें नहीं बन पाईं।
कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में टेंडर होने और पूरी तैयारी के बावजूद सड़क निर्माण शुरू ही नहीं किया गया। डिप्टी मेयर तरुणा मेहता ने बताया कि सेक्टर-20डी की सड़क का टेंडर होने के बाद मशीनरी और सामग्री मौके पर पहुंच गई थी लेकिन अचानक निर्माण टीम वापस लौट गई। अब क्षेत्र के लोग लगातार सवाल कर रहे हैं कि सड़क कब बनेगी।
भाजपा पार्षद सौरभ जोशी ने कहा कि उनके वार्ड में सेक्टर-15 अंडरपास से गुजरने वाली सड़क का निर्माण प्रस्तावित था जिससे रोजाना हजारों लोग आवाजाही करते हैं। काम शुरू न होने से अब लोगों को कम से कम फरवरी तक इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मनमानी कार्यप्रणाली से नगर निगम की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सदन में उठाया जाएगा और दो साल पुराने अधूरे कार्यों सहित बनी सड़कों की गुणवत्ता की भी जांच की मांग की जाएगी।
सामान आया, पूजा हुई, फिर काम रुक गया
आम आदमी पार्टी के पार्षद कुलदीप ने बताया कि उनके वार्ड की ईडब्ल्यूएस कॉलोनी से डड्डूमाजरा मार्केट तक करीब 400 मीटर लंबी सड़क के लिए सामग्री पहुंच गई थी और पूजा भी कर दी गई थी। यह सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, जहां से रोजाना 20 से 25 हजार लोग गुजरते हैं। आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं लेकिन काम रुकने से परेशानी और बढ़ गई है।
तकनीकी दिक्कतों के कारण नहीं बन पाईं सड़कें
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा कि अधिकतर सड़कों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। कुछ जगहों पर तकनीकी दिक्कतों के कारण काम नहीं हो सका है। मौसम अनुकूल होने पर शेष सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। कुछ सड़कों में स्क्रैपिंग की जरूरत नहीं थी इसलिए उन्हें प्राथमिकता सूची से हटाकर आवश्यकता के अनुसार बनाया जाएगा।