पंजाब सरकार ने सूबे के लगभग सवा दस लाख किसानों का कर्ज माफ करने के लिए उनके बैंक खातों के विवरण हासिल करने की परेशानी का हल ढूंढ लिया है। कर्जदार किसानों को केवल इतना करना होगा कि वे अपने-अपने बैंक में यह लिखकर दें कि उनके बैंक खाते का विवरण राज्य सरकार को दिए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने बताया कि बैंकों से तालमेल कर किसानों के कर्ज माफी का मामला एक महीने में सुलझा लिया जाएगा।
मंगलवार को पंजाब भवन में स्टेट बैंकर्स कमेटी के पदाधिकारियों और राज्य सरकार द्वारा किसान कर्ज के निपटारे के लिए गठित की गई डॉ. टी. हक कमेटी के बीच बैठक हुई। बैठक में वित्त मंत्री ने भी शिरकत की। उन्होंने सभी बैंकों को कर्जदार किसानों के खातों का विवरण सरकार को मुहैया कराने को कहा। इस पर बैंकर्स द्वारा नियमों का हवाला देते हुए वित्त मंत्री को बताया गया कि बैंक अपने किसी भी ग्राहक की अनुमति के बिना उनके खाते की जानकारी किसी अन्य को नहीं दे सकते।
आखिरकार यह हल निकला कि खाताधारक किसानों से बैंक लिखित रूप में यह अनुमति हासिल करें कि उनके खाते की जानकारी सरकार को देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। बैंकर्स का कहना है कि जैसे ही किसान अपने खाते के बारे में बैंक को लिखित अनुमति देंगे, बैंक अगले 15-20 दिन में राज्य सरकार को डाटा मुहैया करा देंगे।