सुबह चार बजे करीब मामू ने 108 नंबर एंबुलेंस को बुलाया। फोन करते ही एंबुलेंस समय पर पहुंची और सेक्टर-32 हास्पिटल लेकर पहुंच गई। इस दौरान डॉक्टर ने मामू से मरीज की हिस्ट्री पूछी तो उसने बताया कि तीन बच्चे हैं।
अब पत्नी ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इतने में ही डॉक्टरों ने मामू को डांटना शुरू कर दिया, जबकि उसकी पत्नी दर्द से कराह रही थी। इस दौरान काफी वक्त गुजर गया और उसकी हालत बिगड़ गई। बाद में डॉक्टर ने चेक किया तो पता चला कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी थी।
मामू का कहना है कि उनकी पत्नी की मौत डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है। यदि उनकी पत्नी को समय पर इलाज मिलता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। मामू ने डीसी ऑफिस से लेकर सेक्टर-31 के थाने में शिकायत दी, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। वे इस मामले की शिकायत सोमवार को यूटी प्रशासन को देंगे।
यदि इस मामले की कोई शिकायत आई होगी तो जांच जरूर होगी। ऐसे मामलों की जांच के लिए एक कमेटी है, जो इस तरह के मामलों की जांच करती है। - डॉ. बीएस चवन, डायरेक्टर एवं प्रिंसिपल सेक्टर-32 मेडिकल कॉलेज