मृतक भूपिंदर कुमार की मां शीला रानी अपना दुखांत सुनाती हुई।
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बटाला में जहरीली शराब से मरने वालों में एक ऐसा युवक भी शामिल है जो अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था। सीएम ने प्रति परिवार मुआवजा देने का एलान किया है लेकिन उससे पूरी जिंदगी कैसे कटेगी, परिजनों के सामने यह बड़ा सवाल है। जहरीली शराब से जान गंवाने वाले हाथी गेट के रहने वाले भूपिंदर कुमार (29) की मां शीला रानी कहती हैं कि बेटे के जाने का दर्द है लेकिन परिवार का पेट कैसे पालेगी, अभी तो उन्हें यही चिंता सताए जा रही है।
भूपिंदर पेंट का काम करता था। उसका दस साल का बेटा है। शुक्रवार को अपने काम से लौटा तो बाहर से ही सस्ती शराब पीकर घर आया। कुछ घंटों बाद कहने लगा कि आंखों की रोशनी खत्म हो रही है। वह उसको लेकर कई डॉक्टरों के पास गए लेकिन किसी ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसका इलाज शुरू भी नहीं किया।
आखिरकार वह उसे अमृतसर ले गए लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भूपिंदर के पिता रिक्शा चलाते हैं लेकिन उम्र ज्यादा होने के कारण वे ज्यादा काम नहीं कर पाते।
भूपिंदर के बेटे निखिल का जन्मदिन सोमवार को है और भूपिंदर ने निखिल को एक अच्छा गिफ्ट देने का वादा किया था। निखिल तीसरी कक्षा में पढ़ता है। भूपिंदर की मौत के बाद उसके परिवार वालों को रोजी-रोटी के लाले पड़ गए हैं, क्योंकि उसके घर में कमाने वाला अब कोई नहीं रहा।