शौक पूरे कर लो, जिंदगी तो खुद ही पूरी हो जाएगी... इस शायरी को पीजीआई के प्रशासनिक अधिकारी रमेश सिंह ने चरितार्थ कर दिखाया है। साइक्लिंग के शौकीन रमेश ने 15 हजार रुपये खर्च कर बचपन की साइकिल की प्रतिमूर्ति टीक वुड से बनवा डाली। जब इस साइकिल को लेकर वह शहर में निकलते हैं तो लोग बड़े गौर से देखते हैं। उनकी इस लकड़ी की साइकिल में लोग भी रुचि दिखा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के बैहल निवासी रमेश सिंह इन दिनों प्रतिनियुक्ति पर चंडीगढ़ पीजीआई में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात हैं। साइकिल के शौकीन रमेश प्रतिदिन 15 किलोमीटर साइकिल की यात्रा करते हैं। अपने दोस्तों और अन्य पीजीआई के अधिकारियों के साथ एक साइकिल ग्रुप भी उन्होंने बनाया है। साइक्लिंग का यह शौक बचपन है।
उन्होंने पहली साइकिल को लकड़ी की बनवाने का सपना देखा था, जो उन्होंने अब पूरा किया है। हाल ही में उन्होंने 15 हजार रुपये खर्च करके टीक वुड की एक साइकिल बनवाई है, जिसको उन्होंने अपने घर में संजोया है। उनके इस शौक को लेकर लोग खूब प्रशंसा कर रहे हैं। रमेश सिंह ने बताया कि उन्होंने टीक वुड से बनी साइकिल को जीरकपुर से बनवाया है।