संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। गुड़िया हत्या केस के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में चार आरोपियों ने पूर्व आईजी जहूर एच जैदी की याचिका पर अपना जवाब दायर किया है। जैदी ने अदालत में शारीरिक रूप से सुनवाई करने केेेे लिए याचिका दायर की थी। इस पर आरोपी मनोज जोशी ने जवाब दायर करते हुए कहा कि वह हर्निया और पीआईवीडी बीमारी से ग्रस्त हैं और डॉक्टर नेे उन्हें आराम करने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि उनका वकील दिल्ली से है। वकील केे निवास स्थान के आसपास चार लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं और उनके इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। ऐसी स्थिति में वह अपनेे वकील के बिना पेश नहीं हो सकते। वहीं, दूसरे आरोपी सूरत सिंह नेे कहा है कि कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में शारीरिक रूप से पेेश होने की सहमति नहीं दी जा सकती। तीसरे आरोपी डीडब्ल्यू नेगी ने भी पेश होनेे पर असहमति जताई है जबकि चौथा आरोपी मोहन लाल बुडै़ल जेल में बंद है। उसने कहा है कि वह पेश होनेेे को तैयार है लेकिन उसका वकील शारीरिक रूप से पेश होनेेे के लिए तैयार नहीं है। चारों आरोपियों केेेे जवाब दायर होने के बाद अब सीबीआई अदालत मंगलवार को अपना फैसला सुनाएगी।
दरअसल, पूर्व आईजी जैदी ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि जनवरी के बाद किसी भी गवाह के बयान दर्ज नहीं किए गए हैं इसलिए शारीरिक सुनवाई शुरू की जाए।
मामला
जुलाई 2017 में स्कूल की एक छात्रा लापता हो गई थी और 2 दिन बाद जंगल से उसकी लाश बरामद हुई थी। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से सूरज नाम के नेपाली युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इसके बाद सीबीआई ने आईजी जहूर एच जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठयोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया था।