पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एक छात्रा को दाखिला न देने और छात्रा तथा उसके पिता के साथ दुर्व्यवहार के मामले में हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर के डीन एडमिशन सोहन लाल को अदालत के आदेश की आपराधिक अवमानना का दोषी करार दिया है।
डबल बेंच ने वीरवार को डीन को कोर्ट में तलब किया और कड़ी फटकार भी लगाई। साथ ही अगली सुनवाई पर जवाब तलब करते हुए छात्रा को प्रोविजनल दाखिला देने के आदेश दिए।
छात्रा कृतिका वर्मा ने कॉलेज में सिंगल चाइल्ड के कोटे के तहत दाखिला मांगा था। उसने पंजाब यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार दो एडिशनल सीट रखे जाने की मांग की थी, लेकिन कॉलेज की ओर से छात्रा को दाखिला देने से मना कर दिया गया।
इस पर छात्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसे हाईकोर्ट की एकल बेंच ने खारिज कर दिया। इसके बाद छात्रा ने हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की, जिस पर सुनवाई करते हुए डबल बेंच ने छात्रा को प्रोविजनल तौर पर दाखिला देने के आदेश जारी किए, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कॉलेज के डीन ने छात्रा को दाखिला देने से इंकार कर दिया।