बहादुरी को सलाम। बाप ने बेटे के साथ मिलकर 15 फुट से छलांग लगाई और अपने पूरे परिवार को जिंदा खाक हो जाने से बचा लिया। दरअसल, माहोली में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी स्थित गुरु मां इंटरप्राइजेज कंपनी में शनिवार दोपहर उस समय कई लोग मुश्किल में फंस गए, जब कंपनी के ग्राउंड फ्लोर पर शार्ट सर्किट से आग लग गई।
कुछ ही मिनटों में आग बेकाबू हो गई। इस बीच कंपनी के फर्स्ट फ्लोर पर रहने वाले कंपनी मालिक का पूरा परिवार फंस गया। इनमें बच्चे और करीब 90 साल की बुजुर्ग भी शामिल थी। कंपनी मालिक जगतार सिंह और बेटे विनय ने कंपनी की पहली मंजिल से (करीब 15 फुट ऊंचाई) छलांग लगाकर जान बचाई।
इसके बाद सीढ़ी (घोड़ी) लगाकर पूरे परिवार को आग से सुरक्षित बाहर निकाला। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों और पड़ोसियों के पंप की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। आग से काफी सामान जलकर खाक हो गया।
आग में बुरी तरह फंस गया था परिवार
जानकारी के मुताबिक, आग फेज-295 स्थित कंपनी में लगी। जिस समय आग लगी उस समय परिवार के सदस्य कंपनी के फर्स्ट फ्लोर पर खाना खाने की तैयारी कर रहे थे। इस बीच घर की मालकिन ने आग की लपटें देखी तो उन्होंने परिवार के मेंबरों को तुरंत जानकारी दी।
जब परिवार के सदस्य कमरों से बाहर निकले तो आग ने घर का काफी हिस्सा कवर कर लिया था। वहां से निकलने के लिए दो जगह से सीढ़ियां थीं। आग ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया था। परिवार को मुश्किल में फंसा देखकर घर के मालिक जगतार सिंह और उनके बेटे ने पहली मंजिल से छलांग लगा दी।
कंपनी के बाहरी साइड सीढ़ी (घोड़ी) लगाकर एक-एक करके परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। साथ ही पड़ोसियों को अपना पानी का पंप ऑन करने के लिए कहा। इस बीच फायर बिग्रेड की दो गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। जिनकी सहायता से आग को काबू किया गया। जिक्र योग है कि एक सप्ताह पहले भी एक नामी ट्रांसफार्मर बनाने वाली कंपनी में आग लग गई थी। इससे कंपनी का काफी नुकसान हो गया था।
हथौड़े से तोड़े घर के शीशे
कंपनी मालिक ने बताया कि जैसे ही वह नीचे उतरे तो वहां काम कर रहे लोगों से हथौड़े लेकर घर के शीशे तोड़े। ताकि गैस बनने से मकान को ज्यादा नुकसान न पहुंचे।
फायर ब्रिगेड पहुंची देरी से
घरवालों ने बताया कि करीब डेढ़ बजे आग लगी थी। 1.41 पर उन्हें आग लगने का पता लगा था। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दे दी थी। लेकिन, फायर ब्रिगेड की गाड़ी करीब 15 मिनट देरी से पहुंची। उन्होंने बताया कि अगर पड़ोसियों का पानी वाला पंप नहीं चल रहा होता तो नुकसान ज्यादा हो सकता था।
फैब्रिकेशन का है काम
कंपनी वालों ने बताया कि उनका फैब्रिकेशन का काम करता था। आग से काफी सामान उनका जलकर खाक हो गया। नुकसान कितना हुआ है। अभी तक यह स्थिति साफ नहीं हो पाई है।