सड़क पर पड़े गड्ढे के कारण एक गमगीन परिवार में खुशियां लौट आईं। मृत घोषित होने के तीन घंटे बाद एक बुजुर्ग की सांसें फिर से चलने लगीं। यह हैरान करने वाला मामला करनाल के गोंदर में सामने आया है।
निसिंग कस्बे के गोंदर रोड स्थित दर्शन कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग दर्शन सिंह का पटियाला के एक निजी अस्पताल में कई दिनों से उपचार चल रहा था। बुजुर्ग पिता की देखरेख बड़ा बेटा गुरनाम सिंह कर रहा था।
परिजनों ने बताया कि गुरुवार सुबह चिकित्सकों ने बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद उनके शव को अंतिम संस्कार करने के लिए कार से निसिंग लाया जा रहा था। इसी दौरान कैथल जिले के ढांड के पास सड़क पर गड्ढा होने के कारण कार को झटका लगा तो बुजुर्ग की सांसें अचानक लौट आईं। इससे परिजन हैरत में पड़ गए और आनन फानन बुजुर्ग को निसिंग के एक निजी अस्पताल में ले गए। जांच के बाद चिकित्सक ने बुजुर्ग के जीवित होने की पुष्टि की।
आईसीयू में हैं बुजुर्ग
बुजुर्ग नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह के पिता एवं प्रमुख समाजसेवी हैं। जीवित होने की स्थिति में बुजुर्ग को इसके बाद करनाल के एक निजी अस्पताल में लाया गया जहां वे आईसीयू में दाखिल हैं। इसके बाद बुजुर्ग ने परिजनों से भी बात की। हालांकि वह ज्यादा नहीं बोल पा रहे हैं।
अंतिम यात्रा निकालने की थी तैयारी
बुजुर्ग की मौत की खबर सुनकर घर पर काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए थे। रिश्तेदार व आस-पड़ोस के जानकार भी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए घर पर पहुंच चुके थे। जैसे ही उन्हें सूचना मिली कि बुजुर्ग की सांसें लौट आई हैं तो सभी दंग रह गए। बताया जा रहा है कि पटियाला में अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके मृत होने का प्रमाणपत्र भी शव सौंपने के साथ ही जारी कर दिया था।