चंडीगढ़ की सुखना झील में मंगलवार दोपहर पांच साल के बच्चे का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव को पानी से निकालकर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने सेक्टर-16 अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं हुई है। पुलिस मृतक की शिनाख्त करने के लिए पंजाब और हरियाणा के पुलिस थानों में लापता बच्चों की जानकारी हासिल कर रही है। परिजनों के आने के बाद पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवाएगी।
सेक्टर-3 थाना प्रभारी सुखद्वीप सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे एक व्यक्ति ने सूचना दी कि रेगुलेटरी एंड के पास जंगल एरिया की तरफ जाने वाले रास्ते पर झील में बच्चे का शव उतरा रहा है। पुलिस मौके पर पहुंची। सब इंस्पेक्टर नसीब सिंह, होमगार्ड जरनैल सिंह और एक सिपाही ने शव को पानी से बाहर निकाला। जिस जगह पर शव मिला था, वहां झाड़ियां होने के कारण मोटर बोट नहीं जा सकती थी।
थाना प्रभारी ने बताया कि बच्चे के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं हैं। शव पूरी तरह से फूल चुका था। शव देखने से लगता है कि मौत कुछ दिन पहले हुई है। शरीर में पानी भरने से शव पानी के ऊपर उतरा रहा था। हालांकि बच्चे की मौत कैसे हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम के बाद होगा। सुखद्वीप सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ के सभी थानों में बच्चों के लापता के मामलों को चेक कर लिया है, अभी तक मृतक बच्चे के बारे में कुछ पता नहीं चला है।
सोमवार को पीयू के छात्र ने लगा दी थी झील में छलांग
पंजाब यूनिवर्सिटी से बीकॉम कर रहे एक छात्र ने सोमवार शाम को आत्महत्या के लिए सुखना में छलांग लगाई थी। इस दौरान झील पर दौड़ लगा रहे मेजर जितेश चड्ढा और सॉफ्टवेयर इंजीनियर मयंक शर्मा ने छलांग लगाकर उसे बचा लिया था। 28 अक्तूबर को झील से सटे बुद्धा गार्डन में जालंधर निवासी 22 वर्षीय अंजलि का शव मिला था जिसकी हत्या उसके प्रेमी जगरूप ने की थी।