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लापरवाही की हद: मोर्चरी में 18 दिन तक सड़ता रहा कोरोना संक्रमित का शव, पत्नी आई तो लौटाया बाद में फिर बुलाया

Tue, 18 May 2021 02:18 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)

सार

कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत 29 अप्रैल को हुई थी। एक मई को पानीपत पहुंची मृतक की पत्नी को यह कहते हुए वापस लौटा दिया गया कि कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। अब 18 दिन बाद फिर पति के शव मिलने की सूचना उन्हें फोन से मिली।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के पानीपत में कोरोना संक्रमित शव के अंतिम संस्कार में बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस कारण 18 दिन तक शव पोस्टमार्टम हाउस में सड़ता रहा, जब दुर्गंध से लोग परेशान हो उठे तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। जेब में मिले मोबाइल से परिजनों को जानकारी दी गई। फिर सोमवार को कोविड गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया गया। 

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इससे पहले एक मई को पति की मौत की सूचना पर बिहार से पहुंची पत्नी को यह कहकर लौटा दिया गया था कि उसका अंतिम संस्कार कोरोना गाइडलाइन के तहत कर दिया गया है। सिविल अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों की इस लापरवाही पर पीएमओ ने जांच का आदेश दिया है।

अंतिम संस्कार के लिए पानीपत आई बिहार की रहने वाली प्रतिमा ने बताया कि उसके 35 वर्षीय पति हीरालाल पानीपत की वधावाराम कॉलोनी में किराए पर रहते थे। वह सेक्टर-29 में एक फैक्टरी में श्रमिक थे। 28 अप्रैल को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उनको सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया।
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29 अप्रैल को पति हीरालाल की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। उनके पास इसकी सूचना आई तो वह एक मई की सुबह सिविल अस्पताल में पहुंचीं। वे इमरजेंसी में गईं तो वहां पर मौजूद स्टाफ ने बताया कि उनके पति का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। ये सुनने के बाद वे बिहार चली गईं। 

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इसके बाद अब बीते शनिवार को अस्पताल से कॉल आई कि उसके पति का शव मोर्चरी में ही रखा हुआ है। अंतिम बार दर्शन कर लो और अपनी आंखों के सामने संस्कार होते हुए देख लो। इस पर वह दोबारा पानीपत आई है। पत्नी ने कहा कि पति का शव गल सड़ चुका था। उसका कहना है कि पति के शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है, जिन लोगों ने उनसे झूठ बोला उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। 

पैंट से मोबाइल मिला, तब हमने परिजनों को बताया : गुलाटी
हम शवगृह से शव निकाल रहे थे। तभी फ्रीजर में एक पुरानी बॉडी दिखाई दी। उससे काफी बदबू आ रही थी। इस बारे में डॉक्टर को बताया और बॉडी की जांच की। मृतक की पैंट से मोबाइल मिला। इसके बाद उसके परिजनों से संपर्क किया गया। मृतक की पत्नी का कहना है कि वह एक मई को यहां आई थीं। उसको बताया गया कि उसके पति के शव का अंतिम संस्कार हो चुका है। - चमन गुलाटी, जनसेवा दल के सदस्य।

मामले की जांच होगी : डॉ. ग्रोवर
मामले की जांच की जाएगी। 29 अप्रैल को किसकी ड्यूटी थी। मृतक की पत्नी किससे आकर मिली थी, किसने झूठ बोला परिजनों को, जो भी दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।- डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल।
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