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मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर, कूड़ेदान में शवों को रखकर पहुंचाया जा रहा श्मशान

Wed, 23 Oct 2019 08:31 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)
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सरहिंद नगर काउंसिल के कर्मचारी सरहिंद के शमशानघाट में कूड़ेदान से लावारिश शव को उतारते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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नगर काउंसिल सरहिंद-फतेहगढ़ साहिब द्वारा सड़क व रेल हादसे में मारे जाने वाले लोगों के शव कूड़ा इकट्ठा करने वाले वाहनों से श्मशानघाट पहुंचाए जा रहे हैं। मामला प्रकाश में आने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीसी डॉ. प्रशांत कुमार गोयल ने जांच के लिए एसडीएम की अगुवाई में एक कमेटी गठित कर जांच बिठाई है। इसकी गाज नगर काउंसिल सरहिंद के प्रशासनिक अधिकारियों व संबंधित कर्मचारियों पर गिर सकती है। 

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गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जिले के गांव कोटला भाइका से गुजरती ट्रेन से गिरकर एक यात्री की मौत हो गई थी, जिसे सरहिंद रेलवे पुलिस ने सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब में पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। जहां से इस शव की पहचान न होने पर 72 घंटे के बाद सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब से नगर काउंसिल सरहिंद को सौंपा गया। 

नगर काउंसिल कर्मचारियों ने शव वाहन (मोर्चरी वैन) न होने के कारण शव को एक कूड़ा इकट्ठा करने वाले कंटेनर को ट्रैक्टर के पीछे बांधकर नगर काउंसिल दफ्तर छोड़ा दिया। जहां से शुरू हुए मानव अधिकारों के हनन ने मानवता को शर्मसार कर दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ऐसा कई वर्षों से चल रहा था। जहां मृतक की पहचान न होने पर उसकी लाश को कूड़े के कंटेनर में लाया जाता रहा है। 

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कभी ट्राली कभी कूड़ेदान में आते रहे हैं शव

लावारिस शवों की दुर्गति के बाद उनका अमर्यादित ढंग से अंतिम संस्कार करना कोई नई बात नहीं है। काउंसिल के कर्मचारियों ने बताया कि करीब 25 वर्षों से यह सिलसिला जारी है। कभी ट्राली में शव जाते हैं तो कभी कूड़ेदान में। अब तक ऐसे 35 से अधिक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार हो चुका है। 

अब एसडीएम करेंगे जांच: डीसी
फतेहगढ़ साहिब के डिप्टी कमिश्नर डॉ. प्रशांत कुमार गोयल ने कहा कि यह बहुत ही निंदनीय कार्रवाई है। इसकी जांच एसडीएम फतेहगढ़ साहिब को सौंपी गई है, जो जल्द रिपोर्ट देंगे। किसी भी सूरत में मानव अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा। डीसी ने यह भी कहा कि सिविल अस्पताल से बाकायदा शव को नगर काउंसिल के सुपुर्द किया जाता है। फिर भी काउंसिल अधिकारियों की ड्यूटी बनती है कि वह ऐसे मामलों में संजीदगी व मानवता वाला रवैया अपनाएं। 

हमारे पास शव वाहन नहीं है: काउंसिल प्रधान
नगर काउंसिल सरहिंद के प्रधान शेर सिंह ने इस मामले पर चिंता जाहिर करते कहा कि शव को कूड़ेदान में डालकर शमशानघाट ले जाना कमजोर प्रबंधन की नाकामी है। उन्होंने नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी गुरपाल सिंह को इस मामले पर ध्यान देने की गुजारिश की है। शेर सिंह ने यह भी कहा कि हमारी काउंसिल के पास खुद का शव वाहन (मोर्चरी वैन) नहीं है। जिसकी कमी भी जल्द पूरी कर ली जाएगी।
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