संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। विधायक सर्वजीत कौर माणुके, मदन लाल बग्गा, दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल ने रविवार को उपायुक्त हिमांशु जैन और नगर निगम आयुक्त आदित्य दचलवाल के साथ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में पंजाब सरकार की ओर से आयोजित भव्य नगर कीर्तन के मार्ग की योजना पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान विधायकों ने बताया कि चार भव्य नगर कीर्तनों में से एक 20 नवंबर को फरीदकोट से शुरू होगा जो फिरोजपुर और मोगा होते हुए उसी दिन लुधियाना पहुंचेगा। नगर कीर्तन गुरुद्वारा नानकसर जगराओं और मुल्लांपुर दाखा सहित महत्वपूर्ण स्थलों से होकर गुजरेगा। उन्होंने शहर के मार्ग को अंतिम रूप दिया, जिसमें नगर कीर्तन बद्दोवाल होते हुए लुधियाना में प्रवेश करेगा, वेस्टएंड मॉल, लोधी क्लब रोड, बीआरएस नगर (एच ब्लॉक), ओरिएंट सिनेमा, बीआरएस नगर (ई और डी ब्लॉक), सराभा नगर, गुरु नानक पब्लिक स्कूल, मल्हार रोड, आरती चौक, भाई बाला चौक, भारत नगर चौक और दुर्गा माता मंदिर से होते हुए गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में रात्रि विश्राम के लिए दिन का समापन करेगा।
21 नवंबर की सुबह, नगर कीर्तन गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब से पुनः आरंभ होगा और रेलवे स्टेशन, क्लॉक टावर चौक, जालंधर बाईपास, बस्ती जोधेवाल, समराला चौक, ओसवाल कैंसर अस्पताल और शेरपुर होते हुए साहनेवाल की ओर बढ़ेगा। विधायकों और उपायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि नगर कीर्तन अत्यंत श्रद्धा के साथ आयोजित किया जाएगा और इसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी के बताए गए सांप्रदायिक सद्भाव, शांति, भाईचारे, करुणा और मानवता के मूल्यों को समाहित किया जाएगा।
जगरांव, लुधियाना शहर और खन्ना में प्रवेश करते समय नगर कीर्तन को औपचारिक सलामी गारद भी दी जाएगी। एक सुचारू और गरिमापूर्ण जुलूस सुनिश्चित करने के लिए, उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिभागियों की सुविधा के लिए मार्ग की सड़कों की अच्छी तरह से सफाई की जाए और उन पर कालीन बिछाए जाएं।
ग्राम पंचायतों, सभी संगठनों, व्यापारिक निकायों और मंदिरों, गुरुद्वारों, मस्जिदों आदि सहित धार्मिक संस्थानों को व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विशेष निमंत्रण भेजे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, सभी आयोजनों के दौरान पारंपरिक मर्यादा (सिख आचार संहिता) का कड़ाई से पालन करते हुए लंगर स्थलों के लिए निर्धारित स्थानों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर की पवित्रता बनाए रखने के लिए, नगर कीर्तन के दौरान मार्ग में सभी शराब, तंबाकू और सिगरेट की दुकानें बंद रहेंगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अटूट समर्पण और निस्वार्थ सेवा (सेवा) के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया।