अमृतसर। महाराष्ट्र सरकार की ओर से श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित राज्य स्तरीय भव्य समारोह का आयोजन मुंबई के दादर स्थित योगी हाल में किया गया। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन की अध्यक्षता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दमदमी टकसाल के मुखी, ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा ने की। समारोह में गुरु साहिब की जीवनगाथा और शहादत को समर्पित प्रसिद्ध गायक सतिंदर सरताज का भावपूर्ण गीत हिंद दी चादर जारी किया गया। संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा ने समारोह में उमड़ी विशाल संगत का धन्यवाद करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री फडणवीस की ओर से गुरु साहिबान के प्रति दिखाई गई श्रद्धा और इस शहादत पर्व को राज्य स्तर पर यादगार ढंग से मनाने का संकल्प सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल सिख समाज के लिए गौरव का विषय है। बल्कि संपूर्ण भारत में धार्मिक सहिष्णुता, सद्भाव और राष्ट्रीय चेतना का सशक्त प्रतीक है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी केवल सिख धर्म के नहीं बल्कि भारतीय धर्मों और आस्था के रक्षक थे। इसलिए उन्हें हिंद की चादर कहा जाता है।जब औरंगंजेब ने कश्मीरी पंडितों को जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया तब गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने उनकी रक्षा के लिए अपना शीश अर्पण किया। उनकी शहादत ने अत्याचार के विरुद्ध सत्य की ज्योति प्रज्वलित की और खालसा पंथ को नई आध्यात्मिक शक्ति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपने इतिहास को भूल जाता है, उसका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। गुरु साहिब की शहादत और उनकी शिक्षाएं हमें एकता और सहिष्णुता का पाठ सिखाती हैं।