शहीद ऊधम सिंह की जिंदगी में बुधवार का दिन बेहद अहम रहा। बुधवार के दिन माइकल ओडवायर को मारा, बुधवार को ही फांसी हुई और बुधवार को ही अंतिम संस्कार हुआ। बुधवार के दिन अंग्रेज अधिकारी माइकल ओडवायर को मौत के घाट उतार कर ऊधम सिंह ने अपनी जिंदगी का लक्ष्य हासिल किया था।
बुधवार को इस महान शहीद ने फांसी का फंदा चूमा था और शहादत के 34 साल बाद बुधवार के दिन ही जन्मभूमि पर अंतिम संस्कार किया गया। आजादी संग्राम के इस महान परवाने ने 13 मार्च 1940 को लंदन के केकस्टन हॉल में माइकल ओडवायरको मार गिराया था। इस दिन बुधवार था।
लंदन की पेंटनविले जेल में 31 जुलाई 1940 दिन बुधवार को सुबह नौ बजे फांसी का फंदा चूमा था। शहादत के 34 वर्ष बाद तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने पंजाब के सीएम रहते शहीद का पार्थिव शरीर लंदन से सुनाम मंगवाया था और सुनाम के ओलंपिक स्टेडियम में 31 जुलाई 1974 को अंतिम संस्कार किया गया था। संयोग से उस दिन भी बुधवार ही था।