फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रचा इतिहासः हरियाणा में पहली बार 918 तक पहुंची बेटियों की जन्म दर, जागी और उम्मीदें

Fri, 09 Aug 2019 01:06 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

हरियाणा सरकार का दावा है कि पहली बार प्रदेश में बेटियों की जन्म दर 918 तक पहुंची है। इस प्रकार, वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा 920 के ऊपर पहुंचने का है। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के दौरान दी गई। डॉ. गुप्ता ने उपायुक्तों के साथ विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की। 

विज्ञापन


बैठक में पीएनडीटी, एमटीपी व पॉक्सो एक्ट तथा सीएम विंडो, सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रेकर, हरियाणा विजन जीरो, अंत्योदय सरल प्रोजेक्ट व सक्षम हरियाणा की समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि वर्ष 2014 में 1000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या 871, 2015 में 876, 2016 में 900, 2017-18 में 914 थी जबकि जून, 2019 तक यह संख्या 918 है। डॉ राकेश गुप्ता ने बेटियों को बचाने के लिए किए गए बेहतर प्रदर्शन के लिए पंचकूला, हिसार, यमुनानगर, नारनौल और अंबाला जिला प्रशासन की सराहना की।

इसके अलावा उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएनडीटी, एमटीपी व पॉक्सो एक्ट में जहां-जहां त्रुटियां है, उन्हें दूर किया जाए और तत्परता से कार्य करें। डॉ गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को लिंगानुपात में और अधिक सुधार लाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


छापामारी अभियान में तेजी लाई जाए। लिंगानुपात की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को एक टीम के रूप में ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लिंग जांच व कन्या भ्रूण हत्या में शामिल लोग किसी भी सूरत में बचने न पाएं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें