चंडीगढ़। भारत के आने माने पहलवान और अभिनेता रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह के बेटे अमरीक सिंह रंधावा एक रियल एस्टेट ठगी का शिकार हुए हैं। आरोप है कि उनसे एक फाइव स्टार होटल प्रोजेक्ट में निवेश के बदले तय रिटर्न और यूनिट पजेशन का झांसा देकर 1.64 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
यह प्रोजेक्ट ब्लू कोस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड और जॉय होटल एंड रिसॉर्ट्स की ओर से इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-2 में संचालित किया जा रहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार दोनों कंपनियों ने निवेश के बदले हर माह निश्चित मुनाफे का वादा किया, लेकिन बाद में पैसे देने बंद कर दिए गए और न ही कोई प्रॉपर्टी का पजेशन दिया। अब पूरे मामले में पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी ने इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर अदालत में फाइनल रिपोर्ट पेश की जाए।
रंधावा के अनुसार वर्ष 2010 में सेक्टर 8-बी स्थित उनके घर पर कंपनी के प्रतिनिधि पहुंचे और बताया कि वे होटल शेरेटन नाम से फाइव स्टार प्रोजेक्ट बना रहे हैं। दारा सिंह ने शॉप नंबर-20 के लिए करीब 94.26 लाख में सौदा किया, जिसमें से 90 प्रतिशत रकम अग्रिम में दे दी गई। कंपनी ने कुछ समय तक 1.31 लाख प्रति माह का रिटर्न दिया, लेकिन इसके बाद भुगतान बंद कर दिया। 2014 में अमरीक सिंह ने इसी होटल प्रोजेक्ट में एक सर्विस यूनिट के लिए 80 लाख रुपये का और सौदा किया, जिसके लिए हर माह 93,024 लाख की आमदनी का वादा था। लेकिन इस डील में भी उन्हें न रिटर्न मिला और न यूनिट का पजेशन।
पुलिस ने सिविल विवाद बताकर नहीं दर्ज की थी एफआईआर
पहले तो चंडीगढ़ पुलिस ने पूरे मामले को सिविल विवाद मानते हुए एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया था। रंधावा ने 17 अक्टूबर 2023 को एसएसपी को शिकायत सौंपी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी का दरवाजा खटखटाया। ईओडब्ल्यू ने अपने बचाव में पीसीए के समक्ष जवाब दिया कि जिस जमीन पर प्रोजेक्ट था, वह 2014 में लीज फीस न चुकाने के कारण जब्त हो चुकी है और मामला हाईकोर्ट में लंबित है। वहीं अथॉरिटी ने इसे सिर्फ सिविल विवाद नहीं बल्कि धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश करार दिया।