सुखना लेक से अभी खतरा टला नहीं है। एक दिन की लगातार बारिश सुखना के जलस्तर को खतरे के निशान से पार कर सकता है। गेट खुलने के दूसरे दिन सोमवार को भी पहाड़ों से बारिश का पानी आना जारी रहा। खतरे के निशान 1163.00 फुट से सुखना का जलस्तर महज .40 फुट ही दूर रह गया है।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो यदि एक दिन और लगातार बारिश हो जाती है तो फिर से फ्लड गेट खोलने की नौबत आ सकती है। बता दें कि आसपास के पहाड़ी इलाके में शनिवार देर रात हुई शुरू हुई झमाझम बारिश सुखना झील का जल स्तर खतरे के निशान 1163.00 फुट से ऊपर पहुंच गया।
इसके बाद इंजीनियरिंग विभाग के आला अधिकारियों की सहमति के बाद रविवार तड़के 3.10 बजे दो फ्लड गेट को नौ इंच तक खोल दिया गया था। इस कारण हजारों क्यूसेकपानी सुखना चौ में आ जाने से किशनगढ़, बापूधाम के पिंड के पार पुलों और बलटाना में बाढ़ जैसे हालात हो गए थे।
सोमवार को सुखना का जल स्तर 1162.60 फुट रिकार्ड किया गया। विभागीय अधिकारी बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क हैं।