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डांस, कव्वाली और कहानियों से जीत लिया दिल

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चंडीगढ़। ओ जुगनी पंजाब दी....यानी डांस, म्यूजिक और कहानी का ऐसा ट्रायो जिसने सभी का मन मोह लिया। प्रसिद्ध नृत्यांगना मंजरी चतुर्वेदी की इस प्रस्तुति ने ऐसा रंग जमाया कि सभी मस्त हो गए। टैगोर थियेटर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कव्वाली और हीर रांझा के साथ सोहणी-महिवाल की कहानियों को बताया गया। इसके साथ ही प्रसिद्ध नृत्यांगना मंजरी चर्तुवेदी ने अपनी प्रस्तुति दी।
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इस कार्यक्रम में जुगनी का मायने बताया गया कि वास्तव में जुगनी कौन है? इसमें नीं मैं जाणा जोगी दे नाल के साथ कई कव्वालियां पेश की गईं। इस कार्यक्रम के दौरान बीच बीच में हीर रांझा की परफारमेंस है और सोहणी महिवाल के किस्से हैं। इसमें बाबा बुल्लेशाह के बारे में भी जानकारी दी गई और शाह हुसैन की कविताएं भी पढ़ी गईं। इन कहानियों की प्रस्तुति बलकार सिद्धू और विक्रमजीत रुपराय ने की। इस प्रस्तुति के दौरान कव्वाली ग्रुप ने बाबा बुल्लेशाह की नी मैं जाणा जोगी के नाल, मेरा पिया घर आया, बाबा फरीदशाह की साबिर का पीर रोणा गंज शकर और सलमान बाहू की वंगा चढ़ा लो कुड़ियों के साथ दमादम मस्त कलंदर जैसी प्रसिद्ध कव्वालियों की प्रस्तुति दी।
कव्वाली ग्रुप रांझन अली ने जमाया रंग
अमृतसर के कव्वाली ग्रुप रांझन अली ने सभी को यहां मोहित कर डाला। इस कव्वाली ग्रुप को रांझन अली ने ही लीड किया। इस ग्रुप में राणा मोहम्मद, सोनू कादिरी, रंजीत, किशन, अश्वनी, मट्टू और सुक्खा शामिल रहे। रांझन अली ने बताया कि उनकेपिता और दादा बनारस घराने से यही काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनका यह ग्रुप जार्जिया का है। उन्होंने कहा कि कव्वाली को सभी सुनना चाहते हैं क्योेंकि यह सूफी है और लोगों को एकदम करीब लाती है।
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एकदम अलग रहा यह कार्यक्रम
इस मौके पर बलकार सिद्धू ने कहा कि यह एकदम अलग प्रकार का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि उनको जब यह कांसेप्ट सुनाया गया तो उन्होंने इस पर गहनता से अध्ययन किया और काफी प्रेक्टिस की। वास्तव में ऐसा प्रोग्राम लोगों को काफी आकर्षित करते हैं। यह चंडीगढ़ में पहला अपनी तरह का खास कार्यक्रम रहा। जिसमें मंजरी चर्तुवेदी ने अपनी परफारमेंस से सभी को मोह लिया।
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