दिल्ली की स्वाति वांगनू तिवारी और बंगलूरू की स्मिथा श्रीनिवासन ने कथक की अपनी अनूठी प्रस्तुतियों से समा बांध दिया।
पंजाब कला भवन, सेक्टर-16 में चल रहे कथक फेस्टिवल में उन्होंने प्रस्तुति दी। प्राचीन कला केंद्र की ओर से करवाए जा रहे इस कार्यक्रम की शुरुआत स्वाति ने भजन ‘प्रगटे बृज नंदलाल’ से की और तीन ताल में नृत्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने मग रोको न रे सांवरिया ठुमरी में राधा कृष्ण की मीठी छेड़छाड़ को बड़े ही सुंदर रूप में प्रस्तुति किया।
स्वाति ने कार्यक्रम का समापन सवाल-जवाब से किया जिसमें उन्होंने घुंघरू और तबले की जुगलबंदी को बड़े रोचक अंदाज में पेश किया।
कार्यक्रम के दूसरे भाग में बंगलूरूकी स्मिथा श्रीनिवासन ने अपने नृत्य से लखनऊ घराने की झलक पेश की। उन्होंने कार्यक्रम का आगाज शंकर भगवान की स्तुति से किया।
उन्होंने तांडव स्त्रोत जटालवी गला चले पर शिव महिला को नृत्य द्वारा प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में स्मिथा ने राग पूरीया धनाश्री में तराना पेश करके दर्शकों का मन मोह लिया।